Kaimur waterlogging: पिछले तीन सालों से भभुआ प्रखंड के डुमरैठ पंचायत के ग्रामीण पंचायती राज व्यवस्था की समस्या झेल रहे हैं. दलित बहुल वार्ड नंबर 11 की गली में लगातार जलजमाव रहने से ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी हो रही है. गंदे नाली के पानी के जमाव से ग्रामीणों को विभिन्न तरह की बीमारियों की चपेट में आने का भी डर बना हुआ है.
करीब 300 मीटर गली अब भी कच्ची
देनवा गांव के ग्रामीण शत्रुघन राम, रामवतार सिंह, सुशीला देवी, पलटू राम आदि ने बताया कि बेतरी-मनिहारी मुख्य सड़क से देनवा गांव जुड़ा हुआ है. मुख्य सड़क से घूमकर लोग देनवा गांव में आते-जाते हैं. ग्रामीणों के अनुसार, वार्ड नंबर 11 में गली और नाली के पक्कीकरण का काम करीब सात-आठ साल पहले कराया गया था. नाली को पक्का बना दिया गया, लेकिन पंचु राम के घर से गोरख सिंह के घर तक पक्की गली का निर्माण नहीं कराया गया. इसके कारण करीब 300 मीटर गली आज भी कच्ची है.
तीन साल से नाली की सफाई नहीं होने का आरोप
ग्रामीणों ने बताया कि नाली की सफाई नहीं होने के कारण पिछले तीन साल से नाली पूरी तरह भर चुकी है. पंचायती व्यवस्था के तहत अब तक नाली की सफाई नहीं करायी गयी है. नाली भर जाने से जल निकासी पूरी तरह बाधित हो गयी है और घरों तथा बारिश का पानी गली में जमा हो रहा है. खासकर बारिश के मौसम में समस्या गंभीर हो जाती है. बच्चों को स्कूल आने-जाने, मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और बाजार जाने में ग्रामीणों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है.
गंदे पानी और बदबू से बीमारी का खतरा
ग्रामीणों का कहना है कि नाली के गंदे पानी की बदबू और जलजमाव के कारण संक्रमण सहित अन्य बीमारियों का खतरा बना रहता है. वार्ड की आबादी करीब 500 से अधिक है, जिसमें अधिकांश दलित समाज के परिवार रहते हैं. ग्रामीणों ने बताया कि नाली की समस्या को लेकर कई बार पंचायत के मुखिया से भी गुहार लगायी जा चुकी है. इसके बावजूद अब तक समस्या से निजात दिलाने के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया है.
16वें वित्त आयोग की राशि मिलने पर काम कराने का आश्वासन
डुमरैठ पंचायत के मुखिया प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि यह समस्या उनके संज्ञान में है. वर्तमान में पंचायत के पास राशि नहीं है. 16वें वित्त आयोग की राशि आने वाली है. जैसे ही आवंटन प्राप्त होगा, उक्त काम को प्राथमिकता के आधार पर कराया जायेगा.
