Bhabua Driving License Cyber Fraud : कैमूर जिले के भभुआ में साइबर ठगी का एक मामला सामने आया, जहां ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के नाम पर एक युवक से 4500 रुपये ठग लिए गए. हालांकि राहत की बात यह रही कि साइबर थाना की तत्परता से पीड़ित को उसकी पूरी रकम वापस मिल गई. इस कार्रवाई के बाद साइबर पुलिस की सक्रियता की सराहना हो रही है.
जानकारी के अनुसार भगवानपुर थाना क्षेत्र के कोचारी गांव निवासी जमीरउद्दीन अंसारी से ठगों ने ऑनलाइन संपर्क कर ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने का झांसा दिया. झांसे में आकर उन्होंने बताए गए तरीके से पैसे ट्रांसफर कर दिए, लेकिन बाद में उन्हें ठगी का अहसास हुआ. इसके बाद उन्होंने तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराई.
Kaimur News : शिकायत मिलते ही साइबर थाना हरकत में आया
पीड़ित की शिकायत मिलते ही साइबर थाना भभुआ ने मामले को गंभीरता से लिया और तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी. तकनीकी मदद से ठगी गई राशि को संबंधित बैंक खाते में होल्ड कराया गया, जिससे पैसे को आगे ट्रांसफर होने से रोक दिया गया.
साइबर टीम की सक्रियता का ही नतीजा रहा कि कुछ ही समय के अंदर पूरी 4500 रुपये की राशि सुरक्षित कर ली गई और बुधवार को पीड़ित के बैंक खाते में वापस करा दी गई. पैसे वापस मिलने के बाद पीड़ित ने पुलिस का आभार जताया.
Cyber Crime : समय पर शिकायत करने से बढ़ती है रकम वापसी की संभावना
साइबर पुलिस ने इस मामले के बाद आम लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की ऑनलाइन ठगी होने पर घबराएं नहीं, बल्कि तुरंत कार्रवाई करें. अगर समय रहते 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज की जाती है, तो ठगी गई रकम को वापस पाने की संभावना काफी बढ़ जाती है.
इसके साथ ही cybercrime.gov.in पोर्टल पर भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है, ताकि मामले पर तेजी से कार्रवाई हो सके.
लोगों को सतर्क रहने की जरूरत
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि आज के समय में साइबर ठग नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं. खासकर ड्राइविंग लाइसेंस, नौकरी, बैंक अपडेट और KYC जैसे बहानों से ठगी के मामले बढ़ रहे हैं.
इसलिए जरूरी है कि किसी भी अनजान व्यक्ति या लिंक पर भरोसा करने से पहले पूरी तरह जांच कर लें और अपनी निजी जानकारी साझा करने से बचें.
इस मामले में त्वरित कार्रवाई कर साइबर थाना भभुआ ने यह दिखा दिया कि अगर समय पर शिकायत की जाए, तो साइबर अपराधियों पर नकेल कसी जा सकती है और पीड़ित को राहत मिल सकती है. अब पुलिस लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ ऐसे अपराधियों पर लगातार कार्रवाई करने में जुटी है.
