स्ट्रेचर नहीं मिलने पर बांस में बांध कर ले जाना पड़ा शव, युवक की मौत के बाद व्यवस्था पर उठे सवाल

Kaimur News: कैमूर में भभुआ रोड रेलवे स्टेशन से 500 मीटर दूरी पर मिले एक युवक की लाश को ले जाने के लिए पुलिस को स्ट्रेचर तक नहीं मिल पाया. जिसके बाद मजबूरन शव को बांस में बांध कर ले जाना पड़ा. इस तस्वीर ने वहां मौजूद लोगों की आंखों को नम कर दिया.

Kaimur News (विनोद कुमार सिंह): कैमूर के मोहनिया में मानवता को झकझोर देने वाली तस्वीर देखने को मिली, जहां रेलवे ट्रैक पर युवक की मौत के बाद शव ले जाने के लिए स्ट्रेचर तक नहीं मिल सका. मजबूरन पुलिस और स्थानीय लोगों ने बांस के सहारे शव को बांधकर घटनास्थल से बाहर निकाला. इस मंजर को देखकर मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गई और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठने लगे.

लक्ष्मीपुर गांव का रहने वाला है मृतक

मृतक की पहचान मोहनिया थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर गांव निवासी 25 वर्षीय आदित्य पांडेय, पिता अभिषेक पांडेय उर्फ सुनील पांडेय के रूप में हुई है. घटना सोमवार करीब 11 बजे अप लाइन में पोल संख्या 618/21 और 23 के बीच, भभुआ रोड रेलवे स्टेशन से लगभग 500 मीटर पूरब संजीवनी गली के पास हुई.

परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल

स्थानीय लोगों ने रेलवे ट्रैक पर युवक का शव देख इसकी सूचना मोहनिया थाना और जीआरपी को दी. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. मृतक का मोबाइल पूरी तरह टूट चुका था. पुलिस ने मोबाइल से सिम निकालकर दूसरे फोन में लगाया, जिसके बाद परिजनों से बात हो सकी. सूचना मिलते ही परिवार के लोग घटनास्थल पर पहुंचे और शव देखते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई.

परिजनों ने हत्या की जताई आशंका

मृतक के पिता अभिषेक पांडेय ने बताया कि आदित्य घर से सब्जी खरीदने के लिए मोहनिया आया था. परिवार में एक बेटा और एक बेटी है, जिसमें आदित्य छोटा था. परिजनों ने युवक की मौत को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई है. उनका कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.

घटनास्थल पर स्ट्रेचर नहीं मिलने के कारण पुलिस और स्थानीय लोगों ने बांस का सहारा लेकर शव को बाहर निकाला. यह तस्वीर स्वास्थ्य व्यवस्था की संवेदनहीनता को उजागर करती रही.

Also Read: मिथिला-सीमांचल को रेलवे की बड़ी सौगात, अमृतसर से न्यू जलपाईगुड़ी तक चलेगी अमृत भारत एक्सप्रेस, जानें टाइमिंग

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By kumarsuryakant

kumarsuryakant is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >