Bihar News: कैमूर जिले के चांद थाना क्षेत्र के सिरहिरा गांव में बुजुर्ग की नृशंस हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. करीब एक साल बाद सामने आया सच हर किसी को झकझोर देने वाला है. जिस बेटे को सहारा समझा गया, वही नशे की लत और पैसों की भूख में पिता का कातिल निकला.
29 मई की शाम मिला था खून से सना शव
भभुआ के एसडीपीओ मनोरंजन भारती ने बताया कि 29 मई 2025 की शाम करीब 5 बजे सिरहिरा गांव से सिरी विंद का शव बरामद किया गया था. शव की हालत देखकर साफ था कि उनकी बेरहमी से हत्या की गई है. घटनास्थल से एक लाठी भी बरामद की गई थी, जिसे जांच के लिए एफएसएल भेजा गया.
अज्ञात के खिलाफ दर्ज हुआ था केस
30 मई को चांद थाने के चौकीदार गुलाब पासवान के बयान पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया. शुरुआती जांच में पुलिस को किसी बाहरी व्यक्ति पर शक था, लेकिन तकनीकी और मानवीय साक्ष्यों ने कहानी की दिशा बदल दी.
पुलिस जांच में खुला खौफनाक राज
जांच के दौरान सामने आया कि इस हत्या को किसी और ने नहीं, बल्कि मृतक के छोटे बेटे नन्हकू विंद ने अंजाम दिया है. आरोपी नशे का आदी था और अक्सर पैसों को लेकर पिता से विवाद करता रहता था.
पैसे नहीं मिले तो उतार दिया मौत के घाट
एसडीपीओ के मुताबिक, 29 मई की शाम नन्हकू अपने पिता से पैसे मांगने पहुंचा था. पिता ने इनकार किया तो वह आपा खो बैठा. गुस्से में पहले लाठी से चेहरे पर वार किया और फिर लाठी से कुचलकर पिता की हत्या कर दी.
फरार आरोपी को पुलिस ने दबोचा
घटना के बाद से आरोपी फरार चल रहा था. सोमवार को चांद थानाध्यक्ष भगीरथ कुमार को सूचना मिली कि नन्हकू गांव में छिपकर आया है. सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष और एएसआई चंद्रभूषण सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.
स्पीडी ट्रायल की तैयारी, पुलिस टीम होगी पुरस्कृत
एसडीपीओ ने बताया कि आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. कोर्ट में सभी साक्ष्य प्रस्तुत कर स्पीडी ट्रायल चलाने का प्रयास किया जाएगा. वहीं, इस हत्याकांड के खुलासे में शामिल पुलिस टीम को पुरस्कृत करने की अनुशंसा भी की जा रही है.
अजीत कुमार की रिपोर्ट
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