हलुकन गेहूं से कुहासे को दें मात

कोहरे से परेशान किसानों को सलाहकार ने दिया सुझाव कुहासे के कारण पिछड़ रही गेहूं की खेती मोहनिया शहर : अनुमंडल क्षेत्र में कुहासे से गेंहू की खेती पर प्रभाव पड़ रहा है. सब्जी की उपज भी प्रभावित है.खरीफ फसल की मार झेल चुके किसानों ने बड़े पैमाने पर गेहूं की खेती के लिए खेतों […]

कोहरे से परेशान किसानों को सलाहकार ने दिया सुझाव
कुहासे के कारण पिछड़ रही गेहूं की खेती
मोहनिया शहर : अनुमंडल क्षेत्र में कुहासे से गेंहू की खेती पर प्रभाव पड़ रहा है. सब्जी की उपज भी प्रभावित है.खरीफ फसल की मार झेल चुके किसानों ने बड़े पैमाने पर गेहूं की खेती के लिए खेतों का पटवन कर उसकी जुताई का इंतजार कर रहे हैं. बदले मौसम से किसान पशोपेश में हैं. किसानों ने बड़े पैमाने पर टमाटर, बैंगन, पालक, फूलगोभी, कद्दू व आलू की खेती की है लेकिन, ठंड व कोहरे का सब्जियाें पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है. कुहासे के चलते खेत जोतने के लायक नहीं है़ इसके चलते गेहूं की बुआई नहीं हो रही है़ रामपुर शेखपुरवा सहित दर्जनों गावों में किसानों ने सब्जी लगायी है़ एक सप्ताह पूर्व मौसम को देख किसानों को लहलहाती फसल से उम्मीद बढ़ी थी लेकिन, अब सब्जी की खेती को पाला लगने की संभावना हैं.
क्या कहते हैं सलाहकार
कृषि सलाहकार राणा सिंह ने बताया कि सब्जी को ठंड से बचाने के लिए किसानों को गरम वस्तुओं के साथ खेतों में धुआं करते रहना चाहिए. इससे फसल में पाला लगने की उम्मीदें कम हो जाती हैं. कुहासे के कारण गेंहू की बुआई नहीं हो सकती है. किसान को अब चाहिए कि हलुकन गेहूं के बीज की बुआई करें. यह किसानों को लाभ दे सकता है.

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