आज भी ईंट-पत्थर के बटखरे से ही चलया जा रहा कारोबार!

सप्ताह में एक दिन ही कैमूर में समय देते हैं अफसर, घटतौली के शिकार हो रहे आमलोग भभुआ शहर : जिले का मापतौल विभाग इन दिनों अपनी समस्याओं खुद जूझ रहा है. दूसरे की समस्या का क्या निदान करेगा. विभाग सप्ताह में सिर्फ एक दिन शुक्रवार को ही खुलता है. इसका कारण यह है विभाग […]

सप्ताह में एक दिन ही कैमूर में समय देते हैं अफसर, घटतौली के शिकार हो रहे आमलोग
भभुआ शहर : जिले का मापतौल विभाग इन दिनों अपनी समस्याओं खुद जूझ रहा है. दूसरे की समस्या का क्या निदान करेगा. विभाग सप्ताह में सिर्फ एक दिन शुक्रवार को ही खुलता है. इसका कारण यह है विभाग में तैनात अधिकारी के पास कैमूर और बक्सर दो जिलों का प्रभार है. हालांकि उनकी पोस्टिंग कैमूर जिले में है लेकिन, बक्सर जिले का अतिरिक्त प्रभार भी मिला हुआ है. वह ज्यादा समय यहां न देकर बक्सर में ही देते हैं.
इस संबंध में जब उनसे पूछा गया तो, उन्होंने कहा कि बक्सर के जिलाधिकारी का आदेश है कि आप यहां अपना समय ज्यादा दें. इसके चलते यहां सप्ताह में एक दिन का ही समय मिल पाता है. गौरतलब है कि जिले में ईंट-पत्थर का बाट बना कर सामान की बिक्री की जाती है. दुकानदार कम दे रहा या अधिक यह शंका ग्राहकों के मन में बनी रहती है. इस समस्या को लेकर अपनी फरियाद किसे सुनाये, यह उन्हें समझ में नहीं आता है. विभाग में बराबर ताला ही लटका रहता है. मापतौल विभाग के द्वारा दुकानों पर जाकर यह नहीं देखा जा रहा है कि दुकानदार किस तरह के बाट से ग्राहकों को सामान दे रहा है.
शहर में ज्यादातर सब्जी व ठेले वाले ईंट-पत्थर के बाट से ही सामान दे रहे हैं. नहीं चाहते हुए भी लोग इसके शिकार हो रहे हैं. दुकान अपने बटखरे की जांच भी नहीं करा पा रहे हैं. जानकारी के अनुसार जो दुकानदार अपने से कार्यालय का चक्कर लगाकर अपने बांट का सत्यापन करा लिया तो ठीक है अन्यथा वह जैसे चाहे वैसे अपने सामान को तौल कर बेचता है. न ही उसकी कभी पड़ताल की जाती है और न ही विभाग के पास जानकारी रखने का कोई माध्यम है.

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