कक्षा एक से ही बच्चों पर होनी थी हाइटेक मॉनीटरिंग
िशक्षा विभाग उदासीन
मोहनिया सदर : प्रखंड के 148 सरकारी विद्यालयों में पढ़नेवाले 44391 बच्चों को विभाग के आदेश के तीन साल बाद भी इनकी विशिष्ट पहचान के लिए यूनिक आइडी नंबर जिला शिक्षा विभाग उपलब्ध नहीं करा सका है. 148 विद्यालयों में 76 प्राथमिक व 72 मध्य विद्यालय शामिल है़ मोहनिया ही नही पूरे जिले के ऐसे विद्यालयों में पढ़नेवाले बच्चों को यह यूनिक आइडी नंबर अब तक नसीब नहीं हो सका है.
योजनाआें का मिलेगा लाभ
यूनिक आइडी नंबर वह महत्वपूर्ण नंबर है, जिसके माध्यम से विभाग इन विद्यालयों में पढ़नेवाले सभी बच्चों की हाइटेक मॉनीटरिंग कर सकेगा़ इससे इन बच्चों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का शत् प्रतिशत लाभ सही तरीके से मिलेगा़ यह यूनिक आइडी नंबर पहली कक्षा में नामांकन के समय ही बच्चों को आवंटित करने का आदेश है. इससे हर बच्चे की अपनी अलग पहचान होगी. यह आइडी नंबर पहली कक्षा से लेकर 12वीं कक्षा तक काम करेगा़
कब और किसने दिया था आदेश
शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों व जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को कक्षावार समेकित सूची अक्तूबर 2013 के दूसरे सप्ताह तक विभाग को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था. उस समय प्रारंभिक शिक्षा के सचिव राहुल सिंह ने पटना में राज्यस्तरीय बैठक आयोजित कर निर्देश दिया था कि अगले शैक्षणिक सत्र यानी 2014 में पहली कक्षा में नामांकन के समय ही बच्चों को यूनिक आइडी नंबर आवंटित किया जाये, जिससे प्रारंभिक विद्यालयों में पढ़नेवाले सूबे के करीब दो करोड़ बच्चों की हाइटेक माॅनीटरिंग हो सके़
आइडी नंबर में क्या रहेगा विशेष
इस यूनिक आइडी नंबर में बच्चे और उसके माता-पिता के नाम के अलावा घर का पूरा पता, विद्यालय, कक्षा सहित दूसरी तमाम जानकारियां मौजूद होंगी. बच्चों को आवंटित किये जानेवाले इस यूनिक आइडी नंबर को शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर अपलोड किया जाना था़
क्या कहते हैं बीइओ
बच्चों की आइडी बनाने के लिए कुछ निजी एजेंसियां आयी थीं लेकिन, जिले से कोई आदेश प्राप्त नहीं होने के कारण आइडी नहीं बनवायी जा सकी. जब पहली कक्षा में ही नामांकन के समय यूनिक आइडी नंबर आवंटित करने की बात पूछी गयी, तो उन्होंने अनभिज्ञता जतायी.
अनंत सिंह, बीइओ
