सोमवार को शिवरात्रि होने को श्रद्धालु काफी अच्छा संयोग मान रहे हैं. इस अवसर पर सुबह से देर शाम तक मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गयी. हर ओर से हर-हर महादेव की ही गूंज सुनाई दे रहा था. दिन भर भक्त शिव की भक्ति में डूबे रहे.
भभुआ (नगर) : देवाधिदेव महादेव की आराधना का पर्व महाशिवरात्रि सोमवार को पूरी श्रद्धा के व धूमधाम के साथ मनाया गया. इस दिन सहस्थ गुरु का दुर्लभ योग बनने से इस महाशिवरात्रि का महत्व बहुत ज्यादा रहा.
शहर समेत जिले भर के शिव मंदिरों व शिवालयों में महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं ने विशेष पूजा-अर्चना की. मंदिरों को काफी आकर्षक ढंग से सजाया गया था. सभी शिवालयों से मंत्रोच्चार की आवाज सुनायी दे रही थी. पूजा-पाठ व जलाभिषेक की प्रक्रिया तड़के सुबह से ही शुरू हो गयी. वातावरण में शंख व घंटी की मधुर आवाज घुलने से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया था. मंदिरों से धूप-अगरबत्ती की खुशबू निकल कर वातावरण को मोहक बना रही थी.
सनातन धर्मावलंबी पुरुष हो अथवा महिला, नौजवान हो या युवतियां या फिर बुजुर्ग व्यस्त दिनचर्या से बेफिक्र लोग जल्दबाजी में नित्य क्रिया से निवृत्त हो स्नान कर कलश में जल, दूध व अन्य पूजन सामग्री ले मंदिरों की तरफ चल दिये. लोगों ने धूप दीप, पुष्प, वेलपत्र से देवाधिदेव की अर्चना की तथा ऋतु फलों व नवैद्य अपर्ण के बीच जलाभिषेक व दुग्धाभिषेक किया. इसके बाद भगवान शिव के समक्ष मत्था टेक मनोकामना पूर्ण होने की दुआ मांगी. बहुतेरे भक्तों ने उपवास रख कर सोमवारी का व्रत किया.
36 वर्ष बाद बना है ऐसा संयोग
कई वर्षों बाद ऐस संयोग: अद्भूत संयोग लेकर आयी है. ज्योतिषाचार्यों की माने तो वर्षों बाद इस तरह का संयोग जुटा है. लिहाजा, इस महाशिवरात्रि का महत्व कई गुना अधिक रहा.
आचार्य सत्येंद्र द्विवेदी ने बताया कि सोमवार वैसे भी भगवान शिव का प्रिय दिन है. इस दिन दुर्लभ सहस्थ गुरु योग का संयोग श्रद्धालुओं के लिए विशेष फलदायी है. 36 साल बाद बने यह संयोग श्रद्धालुओं के जीवन में शिव की कृपा प्राप्ति में सहायक रहेगा. इससे पहले यह योग वर्ष 1980 में बना था. इस शिवरात्रि पर शिव की आराधना का भक्तों पर कई गुणा अधिक फल प्राप्त होगा. भगवान का जलाभिषेक व पूजा पाठ करने से घर में सुख समृद्धि बनी रहेगी.
सुबह से शाम गूंजता रहा हर-हर महादेव : नगर के प्राचीन देवीजी मंदिर, पुलिस लाइन स्थित डाकेश्वर मंदिर, पुराना थाना स्थित कोटेश्वरनाथ मंदिर व वार्ड नंबर छह स्थित आशकरन बाबा मंदिर, श्रीरामजानकी मंदिर में भक्तों द्वारा महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की विशेष पूजा अर्चना की गयी.
वार्ड नंबर छह स्थित श्रीरामजानकी मंदिर में अखंड रामचरितमानस का पाठ किया गया. मंदिर के पुजारी अर्जुन पांडेय ने बताया कि महाशिवरात्रि के मौके पर वर्ष 1990 से ही हर वर्ष अखंड रामचरित मानस का पाठ हो रहा है. विश्व कल्याण व लोगों की सुख शांति की उद्देश्य से मंदिर में इसका पाठ होता है. वहीं सभी शिवालयों में सुबह से शाम तक हर-हर महादेव के जयघोष गूंजता रहा.
