ठेकेदारों पर होगी कार्रवाई

लापरवाही. छह महीनों में लगे तीन किमी बिजली तार भभुआ(कार्यालय) : केंद्र व राज्य सरकार हर घर में बिजली पहुंचाने की बात कह रही है. लेकिन, संबंधित विभाग के अधिकारी व ठेकेदार सरकार की योजना पर ग्रहण लगाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं कैमूर में बिजली विभाग द्वारा चल रही योजनाओं की […]

लापरवाही. छह महीनों में लगे तीन किमी बिजली तार
भभुआ(कार्यालय) : केंद्र व राज्य सरकार हर घर में बिजली पहुंचाने की बात कह रही है. लेकिन, संबंधित विभाग के अधिकारी व ठेकेदार सरकार की योजना पर ग्रहण लगाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं कैमूर में बिजली विभाग द्वारा चल रही योजनाओं की मौजूदा स्थिति की जानकारी लेने के लिए जब शनिवार को डीएम राजेश्वर प्रसाद सिंह ने विभाग के अभियंताओं व संवेदकों के साथ बैठक की तो पता चला कि बिजली विभाग के तरफ से जितनी भी योजनाएं चल रही है
लगभग सभी योजनाएं विभागीय व संवेदकों की लापरवाही के कारण खटाई में पड़ी हुई है, जिन योजनाओं को मार्च 2016 तक पूरा होना था उसमें अभी 25 प्रतिशत भी काम नहीं हो सका है. इसे देख डीएम ने अधिकारियों व संवेदकों को जम कर फटकार लगायी.
धीमी गति से लगाया जा रहा तार : भभुआ बाजार में बिजली चारी व दुर्घटनाओं को रोकने के लिए विभाग ने शहर में 45 किलोमीटर कर्भड बिजली के तार लगाने की योजना को मंजूरी दी है, जिसे मार्च 2016 तक पूरा कर लेना था. लेकिन, यह योजना कछुआ की चाल से भी धीमी चल रही है.
लगभग छह महीना से अधिक बीत जाने के बाद भी अभी तक महज तीन किलोमीटर ही कभर्ड तार ही लगाये जा सके हैं . बैठक में काम लेनेवाले कंपनी के प्रतिनिधि से जब डीएम ने कार्य की धीमी रफ्तार के बाबत जब पूछा तो कंपनी के प्रतिनिधि द्वारा कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, जिसके बाद डीएम ने फटकार लगाते हुए समयसीमा के अंदर काम पूरा करने एवं प्रतिदिन कार्य की प्रगति रिपोर्ट देने का आदेश दिया.
अधौरा के 103 गांवों में नहीं पहुंची बिजली : केंद्र सरकार की योजना दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत सभी वैसे गांव जहां आज तक बिजली नहीं पहुंची है वहां बिजली पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है.
इसमें हैरान करनेवाली बात यह है कि अधौरा प्रखंड के कुल 108 गांव में से 103 गांवों में अब तक बिजली नहीं पहुंची है. लेकिन, अधौरा के महज 18 गांवों को ही दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना से जोड़ी गयी है. उक्त योजना के तहत जिले के 1238 गांवों में बिजली पहुंचाना है, जिसमें 42 गांवों में आज तक बिजली नहीं पहुंची है, जबकि 1196 गांव में आंशिक रूप से बिजली है. लेकिन, जिले में उक्त योजना का काम कर रही कंपनी 135 गांवों में ही बिजली पहंचा सकी है. वहीं, 257 गांवों में काम जारी है जबकि उक्त कंपनी को सभी 1238 गांवों में अगस्त 2016 तक बिजली पंहुचा देना है.
समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि कैमूर में चल रही बिजली विभाग की योजनाओं की प्रगति काफी धीमी है काम लेने वाले कंपनियों ने अपने अंदर उप संवेदक रखा है और उप संवेदकों द्वारा भी मुख्य संवेदक से पैसे को लेकर विवाद के कारण काम नहीं कराया जा रहा है. कार्यस्थल पर संवेदक के अभियंता या कर्मचारी नहीं रहते हैं. संवेदक की लापरवाही के कारण कार्य की प्रगति काफी धीमी है. संवेदकों को अल्टीमेटम दिया गया है. अगर ये काम में तेजी नहीं लाते हैं तो कार्रवाई के साथ नया संवेदक बहाल किया जायेगा.
राजेश्वर प्रसाद सिहं, डीएम

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >