भभुआ(सदर) : महिला थाना की थानाध्यक्ष के द्वारा किये गये प्रयास से बुधवार को एक परिवार बिखरने से बच गया और कुछ दिन पहले तक एक दूसरे के दुश्मन बन बैठे परिवार के लोग आपसी सहमति से एक छत के नीचे रहने को तैयार हो गये.
घटना थाना क्षेत्र के नरांव गांव की है. यहां कि रहने वाली उर्मिला देवी ने महिला थाने में आवेदन देकर पति राम अवध विंद, जेठ रामाकांत व जेठानी प्रमिला देवी पर मारपीट कर के उसको उसकी 10 वर्षीय बेटी ज्योति कुमारी के साथ घर से निकाले जाने की शिकायत की थी. महिला थाना की थानाध्यक्ष सरोज सिन्हा ने महिला द्वारा दिये गये आवेदन पर स्वयं नरांव गांव जाकर मामले की जांच की और सभी घरवालों को बुधवार को महिला थाने बुलाया था. वहां दोनों पक्ष के लोगों की बातें सुनने के बाद पता चला कि थोड़े से अहम के लिए दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ा हुआ है.
इसके बाद महिला थानाध्यक्ष ने दोनों पक्षों को समझाते हुए पीड़ित महिला को उसके पति और ससुराल वालों के साथ उसके ससुराल नरांव भेज दिया. महिला थानाध्यक्ष ने बताया कि आज कल थोड़ी सी उलझन पैदा होने पर महिला हो या पुरूष थाने दौड़े चले आते हैं, उन्हें मालूम नहीं होता कि थोड़ी सी नासमझी के चलते इससे जुड़े लोगों को कितनी परेशानी उठानी पड़ सकती है.
