भभुआ (सदर) : राष्ट्रीय फाइलेरिया दिवस के अवसर पर सोमवार को डीएम राजेश्वर प्रसाद सिंह ने पीएचसी, भभुआ से फाइलेरिया मुक्त कैमूर अभियान की शुरुआत की गयी. इस दौरान डीएम श्री सिंह ने केंद्र पर आये तीन बच्चों को फाइलेरियारोधी डीइसी व अलबेंडाजोल की खुराक खिलायी. इसके बाद उन्होंने उपस्थित स्वास्थ्यकर्मियों व अधिकारियों से जिले को फाइलेरिया मुक्त करने व लक्ष्य के अनुसार उसकी उपलब्धि प्राप्त करने के लिए सतत प्रयास करने का मूल मंत्र दिया. इस मौके पर सिविल सर्जन डॉ केबीपी सिंह, जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ विवेक कुमार सिंह भी उपस्थित रहे.
गौरतलब है कि संक्रमित मच्छर के काटने से फाइलेरिया हो सकता है. वहीं, इस रोग के लक्ष्मण दिखने में करीब आठ से 16 महीने या उसमें भी अधिक का अंतराल हो सकता है. जिला वैक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ एचएन पांडेय ने 29 फरवरी से दो मार्च तक राष्ट्रीय फाइलेरिया कार्यक्रम के तहत चलने वाले अभियान के संबंध में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि 2,63,288 घरों को चिह्नित किया गया है.
वहीं, इस कार्यक्रम के लिए 1374 गांवों पर 5,266 दवा खिलाने वालों को तैनात किया गया है. इस कार्यक्रम की निगरानी के लिए 566 पर्यवेक्षक लगाये गये हैं, जबकि लोगों को खुराक देने के लिए फाइलेरियारोधी डीइसी के 37,44000 व अलबेंडाजोल की 15,06000 दवाएं सभी केंद्रों पर उपलब्ध करा दी गयी है.
उन्होंने बताया कि दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर रोग से ग्रस्त रोगियों को हो रहे सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम पर दवा देने के लिए मनाही की गयी है. फाइलेरिया मुक्त अभियान को लेकर स्थानीय पीएचसी पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ.प्रमोद कुमार, शिवानंद पांडेय, नलीनी रंजन, सोनी कुमारी, अस्पताल प्रबंधक गिरीश चंद्र झा सहित अनेक स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे.
