बंदरों के आतंक से त्रस्त हैं मोहनिवासी

बंदरों के आतंक से त्रस्त हैं मोहनिवासी मोहनिया (नगर). इन दिनों मोहनिया में बंदरों के आतंक से लोगों की नाक में दम कर दिया है. ये बंदर इतने उत्पाती हैं कि खाने की सामग्री तो दूर छतों पर सूखने के लिए फैलाये गये कपड़ों को भी लेकर भाग जाते हैं. इसकी वजह से लोग काफी […]

बंदरों के आतंक से त्रस्त हैं मोहनिवासी मोहनिया (नगर). इन दिनों मोहनिया में बंदरों के आतंक से लोगों की नाक में दम कर दिया है. ये बंदर इतने उत्पाती हैं कि खाने की सामग्री तो दूर छतों पर सूखने के लिए फैलाये गये कपड़ों को भी लेकर भाग जाते हैं. इसकी वजह से लोग काफी परेशान हो उठे हैं. बंदरों के आतंक से ठंड के समय में भी बच्चों व महिलाओं का घरों की छतों पर बैठ धूप लेना भी दुश्वार हो गया है. यदि खाने का कोई सामान व्यक्ति पॉलीथिन में लेकर जाते दिखे तो इतना धीरे से ये बंदर पीछे से घात लगा कर एकाएक छीन कर ले भागते हैं कि व्यक्ति देखते ही रह जाते हैं.फोटो:-8.एक दुकान के सामने बैठे बंदर 17 को डीएम के समक्ष पुलिस जनसेवक रखेंगे अपनी बातमोहनिया (सदर). स्थानीय दुर्गा पड़ाव में शुक्रवार को बिहार राज्य ग्राम रक्षा दल, स्वयं संघ व पुलिस जनसेवकों की बैठक हुई. इसमें सरकार से अपनी मांग रखते हुए आर्थिक कार्यों के उपर अनुदान की मांग रखी गयी. बैठक में भाग ले रहे लोगों में इस बात की नाराजगी थी कि उन्हें तीन साल पहले से प्रमाण तो मिला, लेकिन अभी तक शासन प्रशासन द्वारा पंचायत स्तर पर विवादों का निबटारा करने की छूट एवं रात्रि प्रहरी के कार्य को हरी झंडी नहीं मिली. इससे क्षुब्ध सभी ग्राम रक्षा दल, स्वयं संघ व पुलिस जनसेवक 17 जनवरी को अपनी मांगों के समर्थन में होनेवाली बैठक में जिलाधिकारी के समक्ष इस बात को रखेंगे. बैठक में मुनीर फारूखी दलपति, सरदार माली, पारस सिंह, बाबू लाल सिंह, गिरजा सिंह आदि मौजूद थे.

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