बिल के बदले ग्राहकों को मिल रहा धोखा!

अधिकतर दुकानदार नहीं देते पक्का बिल भभुआ (सदर) : शहर सहित पूरे जिले के लोग बाजार में सामान खरीदने के दौरान धोखाधड़ी का शिकार हो रहे हैं. कुछ दुकानदारों को छोड़ कर अधिकतर दुकानदार ग्राहकों को सामान के एवज में पक्की बिल न थमा कर सादे कागज पर बिल बना देकर प्रतिदिन लाखों की टैक्स […]

अधिकतर दुकानदार नहीं देते पक्का बिल
भभुआ (सदर) : शहर सहित पूरे जिले के लोग बाजार में सामान खरीदने के दौरान धोखाधड़ी का शिकार हो रहे हैं. कुछ दुकानदारों को छोड़ कर अधिकतर दुकानदार ग्राहकों को सामान के एवज में पक्की बिल न थमा कर सादे कागज पर बिल बना देकर प्रतिदिन लाखों की टैक्स की चोरी कर रहे हैं.
मंगलवार की दोपहर एक दुकान से सामान खरीदने के लिए जाने पर सच्चाई खुल कर सामने आयी. ग्राहक कुर्बान अली के मकान का निर्माण कार्य चल रहा है. ऐसे में उन्होंने एक दुकान से बिजली संबंधी सामग्री खरीदी.
खरीदे गये बिजली संबंधित सामान की कीमत 5080 रुपये हुए, लेकिन दुकानदार ने पक्का बिल न देते हुए एक कागज पर बिल बना कर दे दिया. अब इस बिल पर न तो दुकान का नाम था और न ही कुछ. यह कहानी किसी एक दुकान कीनहीं, बल्कि कई दुकानों की है. हजारों की खरीद के बाद भी ग्राहकों को सही बिल नहीं दिया जाता. ऐसे में 100 से 200 रुपये के सामान की खरीद का कोई औचित्य ही नहीं.
कई बार होती है परेशानी
वीआइपी कॉलोनी के सुजीत सिंह ने बताया कि उन्होंने कुछ दिन पहले ही डीवीडी प्लेयर खरीदा था. करीब 28 सौ रुपये खर्च किये. लेकिन, दुकानदार ने पक्की बिल नहीं दी. कई बार इस तरह के मामले भी सामने आते हैं कि ग्राहक यदि दुकानदार से पक्की बिल मांगता भी है, तो उसे इनकार कर दिया जाता है. शहर की कुछ किराना दुकानों व कपड़े व मेडिकल स्टोर्स संचालकों द्वारा खुले रूप से टैक्स चोरी का यह धंधा बदस्तूर जारी है.
टैक्स चोरी कर दुकानदार कमाते हैं लाभ
खरीदे गये सामान का बिल पाना उपभोक्ताओं का हक है. बावजूद दुकान पक्की बिल देने से इनकार कर देते हैं. सूत्रों की मानें तो टैक्स बचाने के लिए बाजार में फर्जी बिल का सहारा लेकर दुकान संचालकों द्वारा गड़बड़ी की जा रही है. टैक्स चोरी रोकने के लिए संबंधित
विभाग सक्रिय नहीं हैं. ऐसे में रोज लाखों रुपये का टैक्स बचा लिया जाता है.
पक्के बिल के फायदे
सरकारी प्रावधान के अनुसार पक्के बिल की ही प्रमाणिकता है. इसलिए उपभोक्ता हक के साथ बिल मांगे. सामान के खराब निकलने या गड़बड़ होने पर पक्की बिल के आधार पर वैधानिक कार्रवाई हो सकती है.
इससे ग्राहक नकली वस्तुओं से धोखा नहीं खाएंगे. सामान खराब या नकली निकलने पर पक्की बिल के आधार पर दुकान संचालक के खिलाफ केस दर्ज हो सकता है. 10 लाख से ज्यादा टर्न ओवर वाले फर्म को किसी भी ग्राहक को पक्की बिल देना जरूरी है. यदि बड़े अथवा छोटे दुकानदार किसी को पक्की बिल नहीं देते हैं, तो संबंधित वाणिज्य कर विभाग में शिकायत दर्ज करा सकता है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >