Kaimur News : 40 प्रतिशत शिक्षकों को नहीं मिली मनचाही पोस्टिंग, आक्रोश

जिले में 40 प्रतिशत से अधिक शिक्षकों की मनचाही पोस्टिंग नहीं होने के कारण अपना आक्रोश दर्ज करा रहे हैं

भभुआ नगर. जिले में 40 प्रतिशत से अधिक शिक्षकों की मनचाही पोस्टिंग नहीं होने के कारण अपना आक्रोश दर्ज करा रहे हैं. साथ ही कैसे च्वाईस वाला विद्यालय उन्हें मिल जाये, इसका जुगाड़ ढूंढ़ने में लग गये हैं. मनचाहा पोस्टिंग मिलने वाले शिक्षक खुशी मना रहे हैं. दरअसल, स्वास्थ्य व पारिवारिक कारणों को आधार बनाकर शिक्षकों के हुए स्थानांतरण के बाद शुक्रवार को दूरी के आधार पर शिक्षकों के स्थानांतरण की सूची जारी कर दी गयी है. राज्य स्तर पर दूरी के आधार पर स्थानांतरण की नीति के तहत जिले के प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों का स्थानांतरण किया गया है. लेकिन, शिक्षा विभाग की ओर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिक्षक स्थानांतरण प्रक्रिया में शिक्षकों की मूल नियुक्ति स्थल से विद्यालय की दूरी को मुख्य आधार नहीं बनाया गया है. आवेदन के समय शिक्षकों द्वारा दिये गये प्राथमिकता के क्रम में च्वाइस स्कूल को आंशिक रूप से महत्व दिया गया, कई शिक्षकों को उनकी पहली या दूसरी पसंद का विद्यालय मिल गया, जबकि कई मामलों में खाली पदों और आवश्यकता के अनुरूप स्थान तय किया गय है. यानी दिये गये 10 विद्यालयों में से एक विद्यालय में भी पोस्टिंग नहीं किया गया है, बल्कि 60 से 70 किलोमीटर दूरी वाले विद्यालय आवंटित कर दिये गये हैं, जिसके कारण शिक्षक आक्रोश व्यक्त करते हुए परेशान हैं. गौरतलब है कि सरकार द्वारा शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर बड़ी घोषणा की गयी थी. शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने ऐलान किया था कि शिक्षकों की मनचाही पोस्टिंग की जायेगी. शिक्षकों को मनचाही पोस्टिंग देने के लिए 10 च्वाइस वाले विद्यालय देने थे, जिसमें बीमारी, पति-पत्नी की पोस्टिंग और च्वाइस के आधार पर होनी थी. लेकिन, पोस्टिंग वैकेंसी के आधार पर ही होगी यह भी तय किया गया था. इससे च्वाइस वाले 10 विद्यालयों में पोस्टिंग नहीं होने वाले शिक्षक आक्रोशित हैं और अब कोई दूसरा रास्ता ढूंढ़ रहे हैं, ताकि पत्नी की विद्यालय के नजदीक वाले विद्यालय में पोस्टिंग हो जाये. = क्या कहते हैं शिक्षक –शिक्षक राजेश कुमार सिंह पटेल ने कहा कि मेरी पोस्टिंग अरवल जिला में कुर्था प्रखंड में था, मेरी पत्नी की पोस्टिंग चैनपुर प्रखंड के ईसापुर में है. मैंने पति-पत्नी के आधार पर तबादला के लिए आवेदन किया था. मेरा तबादला हुआ, लेकिन मुझे अधौरा प्रखंड की सारोदाग पंचायत के बहेरा विद्यालय में भेज दिया गया है. पत्नी के विद्यालय से मेरे विद्यालय की दूरी 80 किलोमीटर से अधिक हो जायेगी, जबकि नियमावली के अनुसार विद्यालय से 15 किलोमीटर की दूरी के अंदर ही रहना है. इस स्थानांतरण से मुझे कोई फायदा नहीं हुआ है. –शिक्षक विनोद कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि मेरी पोस्टिंग नुआंव प्रखंड में थी. पति-पत्नी की दूरी का आधार पर तबादला के लिए आवेदन किया था, लेकिन नुआंव प्रखंड से तबादला करते हुए चांद प्रखंड के बिउरी विद्यालय उत्तर प्रदेश बिहार की सीमा पर स्थित विद्यालय में कर दिया गया है. मैं पत्नी के विद्यालय से 20 किलोमीटर अंदर 10 विद्यालयों का च्वाइस दिया था, लेकिन उनमें से कहीं पर पोस्टिंग नहीं हुई. = घर से 30 किमी थी दूरी, अब चले गये 70 किमी दूर कई शिक्षकों का विद्यालय घर से 30 किलोमीटर की दूरी पर था, लेकिन पति पत्नी व दूरी के आधार पर स्थानांतरण के लिए आवेदन के बाद कई शिक्षक ऐसे हैं जिनकी अब 50 से 70 किलोमीटर दूरी पर पोस्टिंग कर दी गयी. ऐसे शिक्षक के लिए स्थानांतरण राहत की जगह गले की आफत बनती नजर आ रही है.

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