भभुआ कार्यालय : राजेंद्र सरोवर के पास नवनिर्मित पार्क में मूर्ति लगाने को लेकर शुरू हुआ विवाद व राजनीति थमता नहीं दिख रहा है. सोमवार को एक तरफ फुले अंबेदकर जगदेव विचार मंच के लोगों ने डीएम से मिल कर भभुआ से दिवंगत विधायक रामलाल सिंह की मूर्ति लगाने के लिए जगह की मांग की है.
वहीं, दूसरी तरफ भाकपा-माले ने दिवंगत विधायक आनंद भूषण पांडेय की मूर्ति लगाने से पहले 1937 में विधायक रहे पंडित गुप्तेश्वर पांडेय आजाद भारत के पहले विधायक गुप्तनाथ सिंह की मूर्ति लगाने की मांग की है. साथ ही माले द्वारा स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय बद्री प्रसाद आर्य का बोर्ड व फोटो राजेंद्र सरोवर के पास नवनिर्मित पार्क में लगाने व कैमूर स्तंभ पर भगत सिंह की मूर्ति व सदर अस्पताल का शहीद अंतु राम के नाम से नामकरण करने की मांग की गयी है.
तीन जगहों पर मूर्ति के लिए मांगी अनुमति : फुले अंबेदकर जगदेव विचार मंच के संयोजक रमेश चंद्र सिंह, सदस्य लोजपा के जिलाध्यक्ष रामयश कुशवाहा, रामप्रसाद सिंह, नशीम अंसारी, मिलन सिंह सहित दर्जनों लोग सोमवार को समाहरणालय पहुंच डीएम नवल किशोर चौधरी के नहीं रहने पर प्रभारी डीएम सुमन कुमार से मुलाकात कर शोषित पीड़ित व दलितों को आवाज देनेवाले जुझारू दिवंगत विधायक स्वर्गीय रामलाल सिंह की आदमकद प्रतिमा लगाने की मांग की गयी है. उक्त मंच द्वारा प्रशासन से शहर में तीन जगहों पर मूर्ति लगाने के लिए अनुमति मांगा गया है. उक्त तीन जगह अखलासपुर बस स्टैंड, राजेंद्र सरोवर पार्क और पूरब बस स्टैंड शामिल है.
माले ने आंदोलन की दी चेतावनी
इधर, भाकपा-माले के जिला सचिव द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा गया है कि मूर्ति लगाने को लेकर चल रहे विवाद को देखते हुए भाकपा-माले शहर की कमेटी की आपात बैठक बुलायी गयी. इसमें राजेंद्र सरोवर के पास नवनिर्मित पार्क से स्वतंत्रता सेनानी बद्री प्रसाद आर्य का बोर्ड व फोटो प्रशासन ने हटा कर स्वतंत्रता सेनानी का अपमान किया है. इसकी निंदा करते हुए तत्काल उनका बोर्ड व फोटो लगाने की मांग की है.
वहीं, दूसरी तरफ दिवंगत विधायक आनंद भूषण पांडेय की मूर्ति लगाये जाने के मामले पर आपत्ति जताते हुए कहा गया है कि उनसे पहले 1937 में विधायक रहे स्वतंत्रता सेनानी पंडित गुप्तेश्वर पांडेय व आजाद भारत में स्व गुप्तनाथ सिंह की मूर्ति लगायी जाये.
इसके साथ ही कैमूर स्तंभ पर शहीद भगत सिंह की मूर्ति स्थापित की जाये व सदर अस्पताल का शहीद अंतु राम के नाम से नामकरण किया जाये. इसके लिए डीएम तत्काल सर्वदलीय बैठक बुला कर विचार करें व मूर्ति स्थापना के लिए कमेटी बनाये और अगर जिला प्रशासन उक्त मांगों पर पहल नहीं करता है, तो माले द्वारा आंदोलन करने की बात कही गयी है.
