Jehanabad News: जिले के विशुनगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत खसखोरी गांव निवासी एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद शनिवार की शाम परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा. युवक की हत्या किए जाने का आरोप लगाते हुए आक्रोशित परिजनों ने नगर थाना क्षेत्र स्थित अस्पताल मोड़ के पास शव को सड़क के बीचों-बीच रखकर पटना-गया मुख्य मार्ग (एनएच) को पूरी तरह जाम कर दिया. उग्र प्रदर्शनकारी मामले की उच्चस्तरीय व निष्पक्ष जांच तथा आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे.
पटना-गया मुख्य मार्ग पर लगी वाहनों की लंबी कतार
अस्पताल मोड़ पर शव रखकर किए गए प्रदर्शन के कारण व्यस्तम पटना-गया मुख्य मार्ग पर दोनों दिशाओं में वाहनों के पहिए पूरी तरह थम गए. देखते ही देखते कई किलोमीटर तक ट्रकों, बसों और निजी वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. यातायात ठप हो जाने से लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों, दैनिक यात्रियों और एंबुलेंस जैसी आवश्यक सेवाओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा.
दोस्त बुलाकर ले गए थे, फिर नहर में मिला शव
मृतक की पहचान विशुनगंज थाना क्षेत्र के खसखोरी गांव निवासी मुकेश शर्मा के रूप में हुई है. परिजनों ने बताया कि मुकेश दिल्ली में रहकर प्राइवेट नौकरी करता था. 23 अगस्त को गांव में उसके चाचा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत/हत्या हो गई थी, जिसके बाद वह दिल्ली से पूरे परिवार के साथ गांव आया हुआ था. परिवार के सभी सदस्य वापस दिल्ली लौटने की तैयारी कर रहे थे, तभी शनिवार को मुकेश के कुछ दोस्त उसे घर से बाहर बुलाकर अपने साथ ले गए. इसके बाद वह वापस नहीं लौटा और कुछ घंटों बाद उसका शव पास की नहर से संदिग्ध हालत में बरामद हुआ.
23 अगस्त को चाचा, अब भतीजे की हत्या का आरोप
मृतक के भाई और परिजनों ने सीधा आरोप लगाया है कि 23 अगस्त को उनके चाचा की भी साजिश के तहत हत्या की गई थी और अब मुकेश की हत्या कर शव को नहर में फेंक दिया गया. परिजनों का साफ कहना है कि यह कोई सामान्य या दुर्घटनावश हुई मौत नहीं है, बल्कि सुनियोजित हत्या है. परिजनों ने पुलिस-प्रशासन से मांग की कि चाचा और भतीजे दोनों की मौतों की कड़ी से कड़ी जोड़कर निष्पक्ष जांच कराई जाए और नामजद दोषियों को अविलंब जेल भेजा जाए.
पुलिस ने कार्रवाई का दिया भरोसा, जांच जारी
सड़क जाम और हंगामे की सूचना मिलते ही नगर थाना और विशुनगंज थाने की पुलिस दल-बल के साथ अस्पताल मोड़ पर पहुंची. प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने आक्रोशित परिजनों को समझा-बुझाकर और मामले में प्राथमिकी दर्ज कर त्वरित विधिक कार्रवाई का ठोस आश्वासन देकर जाम समाप्त कराने का प्रयास किया. पुलिस ने स्पष्ट किया कि शव का पोस्टमार्टम कराकर रिपोर्ट और परिजनों के बयान के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
