Arwal News: जिले के चार प्रखंडों, नगर परिषद अरवल, नगर पंचायत कुर्था तथा कुल 12 पंचायतों में मंगलवार को सहयोग शिविर का सफल आयोजन किया गया. प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय मंगलवार को आयोजित होने वाले इन शिविरों का उद्देश्य आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान एवं सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना है.
जिला पदाधिकारी अमृषा बैंस के मार्गदर्शन में आयोजित सहयोग शिविरों में कुल 643 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 281 आवेदनों का मौके पर ही निष्पादन किया गया. शेष आवेदनों को अग्रेतर कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को भेज दिया गया है.
अरवल प्रखंड में मिले 165 आवेदन
अरवल प्रखंड के फखरपुर पंचायत में 14 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से तीन का निष्पादन किया गया. रामपुर वैना पंचायत में 44 में से 25 आवेदनों का मौके पर निस्तारण किया गया. सकरी पंचायत में प्राप्त सभी 16 आवेदन अग्रेतर कार्रवाई के लिए लंबित हैं. वहीं अमरा पंचायत में प्राप्त 91 आवेदनों में से छह का निष्पादन शिविर में ही किया गया.
कुर्था प्रखंड में 23 मामलों का हुआ निष्पादन
कुर्था प्रखंड के कोदमरई पंचायत में प्राप्त 17 आवेदनों में से नौ तथा धमौल पंचायत में प्राप्त 22 आवेदनों में से 14 का निष्पादन मौके पर ही किया गया.
कलेर प्रखंड में सबसे अधिक हुआ निस्तारण
कलेर प्रखंड के इस्माइलपुर कोयल पंचायत में 68 में से 37, जयपुर पंचायत में 85 में से 69 तथा मैनपुरा पंचायत में 90 में से 59 आवेदनों का मौके पर ही निष्पादन किया गया.
करपी प्रखंड में 43 आवेदनों का निस्तारण
करपी प्रखंड के दौर्रा पंचायत में 23 में से सात, नरगा पंचायत में 68 में से 13 तथा किंजर पंचायत में 42 में से 23 आवेदनों का निस्तारण किया गया.
नगर परिषद और नगर पंचायत के सभी आवेदन लंबित
नगर परिषद अरवल में कुल 41 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से सभी 41 आवेदन अग्रेतर कार्रवाई के लिए लंबित हैं. वहीं नगर पंचायत कुर्था में प्राप्त सभी 22 आवेदन भी संबंधित विभागों को भेजे गए हैं.
समयबद्ध निष्पादन के दिए गए निर्देश
जिला पदाधिकारी अमृषा बैंस ने सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देश दिया है कि प्राप्त आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ आसानी से मिल सके. उन्होंने कहा कि सहयोग शिविर आम लोगों की समस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं और इनके माध्यम से प्रशासन को सीधे लोगों तक पहुंचने का अवसर मिल रहा है.
