प्रख्यात लेखिका, समाजसेवी एवं राज्यसभा सांसद सुधा मूर्ति ने जहानाबाद जिले की विश्वप्रसिद्ध ऐतिहासिक बराबर गुफाओं का भ्रमण किया. इस दौरान उन्होंने प्राचीन शैलकृत स्थापत्य, निर्माण तकनीक और गुफाओं के ऐतिहासिक महत्व को करीब से देखा और इसकी जमकर सराहना की.
बराबर गुफाओं में सुधा मूर्ति का हुआ स्वागत
सुधा मूर्ति के बराबर गुफा पहुंचने पर अपर समाहर्ता, विभागीय जांच विनय कुमार सिंह ने पुष्पगुच्छ देकर उनका स्वागत किया. भ्रमण के दौरान जिला प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद रहे.
रॉक-कट स्थापत्य कला ने किया प्रभावित
सुधा मूर्ति ने विशाल चट्टानों को काटकर बनाई गयी बराबर गुफाओं की रॉक-कट स्थापत्य कला का अवलोकन किया. उन्होंने गुफाओं की दीवारों पर आज भी मौजूद दर्पण जैसी चमकदार पॉलिश और प्राचीन निर्माण तकनीक की विशेष रूप से सराहना की.
गुफाओं की ध्वनि और प्रतिध्वनि को भी देखा
भ्रमण के दौरान सुधा मूर्ति ने बराबर गुफाओं के भीतर उत्पन्न होने वाले विशिष्ट ध्वनि और प्रतिध्वनि प्रभाव को भी महसूस किया. उन्होंने कहा कि यह प्राचीन भारत की उन्नत इंजीनियरिंग, वैज्ञानिक सोच और अद्भुत शिल्प कौशल का उत्कृष्ट उदाहरण है.
UNESCO World Heritage में शामिल करने की अपील
बराबर गुफाओं के ऐतिहासिक, पुरातात्विक और स्थापत्य महत्व से प्रभावित सुधा मूर्ति ने इसे UNESCO World Heritage Site में शामिल किए जाने की अपील की. उन्होंने कहा कि इससे भारत की इस अमूल्य विरासत को वैश्विक स्तर पर और अधिक पहचान मिल सकेगी.
ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण पर जोर
बराबर गुफाएं केवल एक ऐतिहासिक स्थल नहीं हैं, बल्कि भारत की प्राचीन वैज्ञानिक प्रतिभा, स्थापत्य कौशल और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रमाण हैं. गुफाओं की प्राचीन निर्माण तकनीक आज भी इतिहासकारों और शोधकर्ताओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है.
पर्यटकों से बराबर गुफाओं के भ्रमण की अपील
जिला प्रशासन ने देश-दुनिया के गणमान्य व्यक्तियों, इतिहासकारों, शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों, पर्यटकों और विरासत प्रेमियों से बराबर गुफाओं का भ्रमण करने की अपील की है. प्रशासन का उद्देश्य इस ऐतिहासिक धरोहर के महत्व को व्यापक स्तर पर प्रसारित कर इसे पर्यटन के क्षेत्र में और मजबूत पहचान दिलाना है.
कार्यक्रम में ये अधिकारी रहे मौजूद
सुधा मूर्ति के बराबर गुफा भ्रमण के दौरान अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे. जिला प्रशासन की ओर से बराबर गुफाओं के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को देश-दुनिया तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है.
