Jehanabad News : बिहार सरकार द्वारा प्रस्तावित विश्वविद्यालय अधिनियम, 2026 के विरोध में बिहार विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी संयुक्त मोर्चा का चरणबद्ध आंदोलन जारी है. मंगलवार को आंदोलन के आठवें दिन स्थानीय एसएन सिन्हा कॉलेज के शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों ने महाविद्यालय परिसर में विरोध प्रदर्शन और घंटी बजाओ अभियान चलाया.
25 अगस्त तक चलेगा विरोध प्रदर्शन
संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर 11 से 25 अगस्त तक शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारी अपने-अपने कार्यस्थल पर उपस्थित रहकर प्रस्तावित अधिनियम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने सरकार से प्रस्तावित अधिनियम को वापस लेने की मांग की.
विश्वविद्यालय की स्वायत्तता खत्म करने का लगाया आरोप
शिक्षकों ने कहा कि सरकारी डिग्री महाविद्यालयों के प्रशासन और नियंत्रण को सीधे उच्च शिक्षा विभाग, बिहार सरकार के अधीन लाने का प्रस्ताव विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता समाप्त करने की दिशा में उठाया गया कदम है. इससे उच्च शिक्षा का लोकतांत्रिक और अकादमिक स्वरूप प्रभावित होगा तथा विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक स्वतंत्रता के सामने गंभीर चुनौती खड़ी हो सकती है.
शिक्षक-कर्मचारी हित प्रभावित होने की आशंका
वक्ताओं ने कहा कि प्रस्तावित अधिनियम के प्रावधानों से शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारी और विश्वविद्यालय समुदाय के हित प्रभावित होने की आशंका है. सरकार को विश्वविद्यालय समुदाय की भावनाओं और आपत्तियों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए. शिक्षकों ने अधिनियम को वापस लेने की मांग की.
शिक्षक दिवस पर विद्यार्थियों और अभिभावकों से होगा संवाद
संयुक्त मोर्चा के आंदोलन के अगले चरण में पांच सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों और अभिभावकों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है. इसमें प्रस्तावित विश्वविद्यालय अधिनियम, उसके संभावित प्रभाव और उच्च शिक्षा तथा विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता से जुड़े मुद्दों पर विद्यार्थियों और अभिभावकों को जानकारी दी जाएगी. साथ ही उनके सुझाव और चिंताओं को भी सुना जाएगा.
प्रदर्शन में डॉ. ओमप्रकाश वर्मा, डॉ. शशिधर गुप्ता, डॉ. मो. इंतखाब आलम, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. हर्षवर्धन, डॉ. नेहा कुमारी, नीलम कुमारी, राजीव नयन, डॉ. ब्रजेश कुमार, धर्मेंद्र कुमार समेत बड़ी संख्या में शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी मौजूद रहे.
