आम लोगों से पेयजल और नल-जल योजनाओं को लेकर मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला पदाधिकारी छिरिङ वाई भूटिया ने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के कार्यों की समीक्षा की. समीक्षा में जिले की कई नल-जल योजनाओं और चापाकलों के खराब होने की जानकारी सामने आयी. डीएम ने अधिकारियों को तय समय सीमा में पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश दिया.
जहानाबाद में 82 नल-जल योजनाएं मिलीं बंद
जिला पदाधिकारी के निर्देश पर जिले में संचालित नल-जल योजनाओं की वास्तविक स्थिति का स्थल सत्यापन कराया गया था. प्राप्त ग्राउंड रिपोर्ट की समीक्षा में 82 नल-जल योजनाएं अक्रियाशील पायी गयीं. रिपोर्ट के अनुसार, इन योजनाओं के प्रभावित होने का प्रमुख कारण भू-जल स्तर का नीचे जाना बताया गया.
15 से 20 वार्डों में प्राथमिकता से शुरू होगा काम
डीएम ने नल-जल योजनाओं के बंद होने को गंभीरता से लेते हुए कार्यपालक अभियंता को प्राथमिकता के आधार पर 15 से 20 वार्डों में काम शुरू करने का निर्देश दिया. शेष प्रभावित वार्डों में भी तत्काल कार्य शुरू करने को कहा गया है, ताकि लोगों को पेयजल के लिए परेशानी न हो.
4 से 5 दिनों में नल-जल योजनाएं चालू करने का निर्देश
जिला पदाधिकारी ने अधिकारियों को आगामी 4 से 5 दिनों के भीतर प्रभावित क्षेत्रों की पेयजल समस्या दूर करने और अक्रियाशील नल-जल योजनाओं को दोबारा चालू करने का निर्देश दिया. प्रशासन का लक्ष्य प्रभावित वार्डों में जल्द से जल्द पेयजल आपूर्ति बहाल करना है.
जहानाबाद में 407 चापाकल भी मिले खराब
जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों के माध्यम से अपने-अपने क्षेत्रों में चापाकलों का निरीक्षण कराया गया. निरीक्षण के दौरान कुल 407 चापाकल खराब पाए गए. इसके बाद डीएम ने खराब चापाकलों की मरम्मत को लेकर संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए.
3 से 4 दिनों में चापाकल चालू करने का आदेश
डीएम ने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के कार्यपालक अभियंता को सभी खराब चापाकलों की मरम्मत कराने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि 3 से 4 दिनों के भीतर खराब चापाकलों को चालू करना सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को तत्काल पेयजल उपलब्ध हो सके.
भू-जल स्तर सुधारने पर भी रहेगा फोकस
डीएम ने कहा कि तत्काल पेयजल संकट दूर करने के साथ भू-जल स्तर में सुधार के लिए दीर्घकालीन रणनीति पर भी काम करना जरूरी है. उन्होंने भू-जल स्तर में लगातार हो रही गिरावट को भविष्य के लिए गंभीर चुनौती बताया.
जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन को मिलेगा बढ़ावा
जिला पदाधिकारी ने वीबीजी राम जी योजना के माध्यम से भू-जल पुनर्भरण से जुड़ी गतिविधियों को अधिक से अधिक बढ़ावा देने पर जोर दिया. उन्होंने जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और भू-जल पुनर्भरण से जुड़े कार्यों को योजनाबद्ध तरीके से लागू करने का निर्देश दिया, ताकि भविष्य में भू-जल स्तर में गिरावट की समस्या को कम किया जा सके.
