जहानाबाद: गांधी स्मारक स्कूल के खेल मैदान पर जल मीनार का विरोध, DM को सौंपा ज्ञापन

जहानाबाद के गांधी स्मारक इंटर विद्यालय के खेल मैदान में प्रस्तावित जल मीनार के निर्माण का स्थानीय लोगों ने विरोध किया है. डीएम को ज्ञापन सौंपकर जगह बदलने की मांग की.

Jehanabad News: जहानाबाद नगर के ऐतिहासिक गांधी स्मारक इंटर विद्यालय के खेल परिसर में प्रस्तावित जल मीनार (पानी की टंकी) के निर्माण के खिलाफ जनआक्रोश भड़क उठा है. मैदान के अस्तित्व को बचाने और प्रस्तावित पानी की टंकी को अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग को लेकर वार्ड संख्या 14 के वार्ड पार्षद एवं सैकड़ों प्रबुद्ध नगरवासियों ने संयुक्त हस्ताक्षरयुक्त एक विस्तृत ज्ञापन जिला पदाधिकारी (DM) को सौंपा है.

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि गांधी स्मारक इंटर विद्यालय केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि शहर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर है. यह पूरे नगर परिषद क्षेत्र का एकमात्र ऐसा विशाल और खुला खेल मैदान है, जहां विगत कई दशकों से हजारों छात्र-छात्राओं का शारीरिक, मानसिक और खेलकूद विकास होता रहा है.

युवाओं और बुजुर्गों के स्वास्थ्य का केंद्र है यह मैदान

प्रतिदिन सुबह-शाम सैकड़ों युवा, खिलाड़ी, धावक और वरिष्ठ नागरिक इस मैदान में दौड़, व्यायाम और मॉर्निंग वॉक कर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करते हैं. इसके अतिरिक्त जिले की सभी प्रमुख विद्यालयी एवं जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन भी इसी मैदान पर होता रहा है.

ज्ञापन में चिंता जताते हुए कहा गया है कि पूर्व में जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) कार्यालय और कर्पूरी छात्रावास के निर्माण के कारण मैदान का काफी बड़ा हिस्सा पहले ही संकुचित हो चुका है. घनी आबादी वाले जहानाबाद शहर के बीच यह अंतिम खुली जगह बची है.

नागरिकों ने दर्ज कराईं 3 मुख्य आपत्तियां

खेल मैदान पर जल मीनार निर्माण को लेकर स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन के समक्ष प्रमुख आपत्तियां रखी हैं:

  1. मैदान का विखंडन: जल मीनार और उसके सहायक बुनियादी ढांचे के निर्माण से यह ऐतिहासिक मैदान स्थायी रूप से संकीर्ण और खंडित हो जाएगा.
  2. जलजमाव व कीचड़ की समस्या: जल मीनार से होने वाले संभावित रिसाव और ओवरफ्लो के कारण मैदान का एक बड़ा हिस्सा हमेशा दलदल व कीचड़ में तब्दील रहेगा, जिससे यह खेल योग्य नहीं रहेगा.
  3. खेल अधिकारों का हनन: शहर के बच्चों, युवाओं और उभरते खिलाड़ियों से उनका एकमात्र खेल मैदान छिन जाएगा.

'समीपवर्ती घोड़ा अस्पताल की खाली भूमि पर बने जल मीनार'

नागरिकों ने डीएम को सुझाव दिया है कि गांधी स्मारक विद्यालय से सटी हुई घोड़ा अस्पताल की विशाल सरकारी भूमि वर्षों से खाली, अनुपयोगी और अतिक्रमण मुक्त पड़ी है. वह स्थल जल मीनार जैसी महत्वपूर्ण जनहित योजना के निर्माण के लिए तकनीकी रूप से पूरी तरह उपयुक्त और सुगम है.

ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में वार्ड पार्षद नवीन शंकर, मुकेश कुमार, संजय कुमार सहित शहर के सैकड़ों गणमान्य लोग शामिल रहे. सभी ने छात्रहित, खेल प्रेमियों की भावनाओं और ऐतिहासिक धरोहर की रक्षा को ध्यान में रखते हुए जल मीनार के निर्माण स्थल पर तत्काल पुनर्विचार करने की मांग की है.

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By अश्विनी कुमार

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