अरवल सिविल सर्जन डॉ. राजकिशोर प्रसाद के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार और हमले के विरोध में बुधवार को जहानाबाद सदर अस्पताल में एक दिवसीय ओपीडी सेवा का बहिष्कार किया गया. बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ के आह्वान पर सिविल सर्जन के नेतृत्व में डॉक्टरों ने ओपीडी बंद रखकर अपना विरोध दर्ज कराया.
इमरजेंसी और प्रसूति सेवाएं रहीं सामान्य
ओपीडी सेवा बंद रहने के बावजूद मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इमरजेंसी, प्रसूति एवं शिशु रोग विभाग की सेवाएं सामान्य रूप से संचालित होती रहीं. अस्पताल प्रशासन ने गंभीर मरीजों के इलाज में किसी प्रकार की बाधा नहीं आने दी.
डॉक्टरों ने सुरक्षा और कार्रवाई की उठाई मांग
अस्पताल परिसर में चिकित्सकों ने प्रदर्शन करते हुए डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. पोस्टर के माध्यम से भी चिकित्सकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का संदेश दिया गया.
OPD बंद रहने से मरीजों को हुई परेशानी
ओपीडी सेवा बंद रहने के कारण इलाज कराने पहुंचे कई मरीजों को बिना उपचार के लौटना पड़ा. मरीजों ने कहा कि यदि उन्हें पहले से बहिष्कार की जानकारी मिल जाती, तो वे दूसरे अस्पताल में इलाज की व्यवस्था कर लेते.
अस्पताल प्रशासन ने दी सफाई
सदर अस्पताल के कार्यकारी अधीक्षक डॉ. चंद्रशेखर आजाद ने बताया कि विरोध केवल ओपीडी सेवा तक सीमित था. इमरजेंसी, प्रसूति वार्ड, शिशु रोग विभाग और अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह संचालित होती रहीं. उन्होंने कहा कि चिकित्सकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है तथा दोषियों के विरुद्ध शीघ्र कार्रवाई होनी चाहिए.
आगे आंदोलन तेज करने की चेतावनी
डॉक्टरों ने चेतावनी दी कि यदि चिकित्सकों की सुरक्षा को लेकर प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा. वहीं अस्पताल प्रशासन ने आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु बनाए रखने का भरोसा दिलाया.
