मोदनगंज प्रखंड की बंधुगंज पंचायत स्थित परियावां गांव में जमीन विवाद को लेकर घर में घुसकर चार महिलाओं के साथ मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है. घटना में घायल महिलाओं को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया. घटना की जानकारी मिलने के बाद राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने अस्पताल पहुंचकर पीड़ित महिलाओं से मुलाकात की.
शशि यादव के नेतृत्व में माले टीम ने लिया जायजा
घटना की जानकारी मिलने के बाद भाकपा-माले की एमएलसी शशि यादव के नेतृत्व में पार्टी की टीम सदर अस्पताल पहुंची. टीम ने घायल महिलाओं का हाल जाना और उनकी स्थिति की जानकारी ली. इसके बाद माले नेताओं ने परियावां गांव पहुंचकर घटनास्थल का भी जायजा लिया. टीम में माले राज्य कमिटी के सदस्य रवींद्र यादव समेत पार्टी के अन्य नेता शामिल रहे.
रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में रहते हैं महिलाओं के पति
बताया जाता है कि घायल महिलाओं के पति रोजगार के सिलसिले में लुधियाना, चेन्नई समेत अन्य राज्यों में रहते हैं. घटना के पीछे जमीन विवाद की बात सामने आ रही है. हालांकि, मामले की पूरी स्थिति पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी.
महिलाओं के शरीर पर चोट के निशान का दावा
माले एमएलसी शशि यादव ने कहा कि घर में घुसकर महिलाओं के साथ जिस तरह मारपीट की गयी, वह गंभीर मामला है. उन्होंने दावा किया कि महिलाओं के पैर, सिर और हाथ समेत शरीर के अलग-अलग हिस्सों में चोटें आयी हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होना प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करता है.
प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
शशि यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा के शासन में अपराधियों और दबंगों का मनोबल बढ़ रहा है और दलितों एवं महिलाओं पर हमले हो रहे हैं. उन्होंने चिराग पासवान और जीतन राम मांझी के दलित हितैषी होने के दावों पर भी सवाल उठाया. हालांकि, ये राजनीतिक आरोप हैं और इन पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया सामने नहीं आयी है.
आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग
माले एमएलसी ने जिला प्रशासन से परियावां घटना में शामिल सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की. साथ ही उन्होंने पीड़ित महिलाओं को सुरक्षा और उचित इलाज उपलब्ध कराने की मांग रखी. उन्होंने कहा कि पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए प्रशासन को मामले में त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए.
गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
शशि यादव ने चेतावनी दी कि यदि आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी नहीं हुई तो भाकपा-माले की ओर से पूरे जिले में व्यापक आंदोलन किया जाएगा. उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की.
