Awareness Campaign : जिला एड्स नियंत्रण समिति के तत्वावधान में बुधवार को विकास भवन सभागार में एचआईवी/एड्स से बचाव एवं नियंत्रण को लेकर जिला स्तरीय संयुक्त कार्यकारी समूह की संवेदीकरण बैठक हुई. अध्यक्षता उपविकास आयुक्त आदित्य कुमार पीयूष ने की. बैठक में युवाओं समेत आम लोगों को एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूक करने और संक्रमण से बचाव के उपायों को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर दिया गया.
सुई साझा नहीं करने और सुरक्षित रक्त चढ़ाने की दी जानकारी
बैठक में बताया गया कि एचआईवी संक्रमण से बचाव के लिए सुई या सिरिंज साझा नहीं करनी चाहिए. रक्त चढ़ाने से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि रक्त की एचआईवी समेत अन्य आवश्यक जांच हो चुकी हो. गर्भवती महिलाओं और एएनसी सेवाएं लेने वाली महिलाओं की समय पर एचआईवी जांच कराने पर भी विशेष जोर दिया गया, ताकि संक्रमण की स्थिति में समय रहते उपचार और आवश्यक बचाव के उपाय किए जा सकें. एचआईवी और सिफिलिस को लेकर महिलाओं को जागरूक करने की भी बात कही गयी.
95:95:99 के लक्ष्य को हासिल करने पर जोर
राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन, भारत सरकार की ओर से निर्धारित 95:95:99 के लक्ष्य को एक दिसंबर 2026 तक हासिल करने के लिए जागरूकता अभियान को प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई. एचआईवी संक्रमण के कारणों और बचाव के उपायों के साथ एचआईवी एवं एड्स (रोकथाम एवं नियंत्रण) अधिनियम, 2017 की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया. इसका उद्देश्य एचआईवी/एड्स से संक्रमित एवं प्रभावित लोगों के प्रति समाज में व्याप्त कलंक और भेदभाव को समाप्त करना है.
ऑनलाइन जोखिम आकलन टूल के प्रचार का निर्देश
बैठक में सोच एप्लीकेशन के माध्यम से ऑनलाइन एचआईवी जोखिम आकलन टूल के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की बात कही गयी. इसके लिए सक्रिय रूप से प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया गया. राज्य, जिला, प्रखंड और ग्राम स्तर पर विभिन्न सरकारी विभागों एवं प्रशासनिक इकाइयों के बीच समन्वय और सहयोग मजबूत करने पर भी जोर दिया गया.
1097 हेल्पलाइन की जानकारी देने पर बल
लोगों को सेवाओं समेत राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के तहत उपलब्ध अन्य सुविधाओं की जानकारी देने की बात कही गयी. साथ ही राष्ट्रीय एड्स टोल-फ्री हेल्पलाइन 1097 के उपयोग के प्रति आमजनों को जागरूक करने पर बल दिया गया. बैठक में डीपीएम खालिद हुसैन, डीआईएस रीता समेत संबंधित विभागों के पदाधिकारी और कर्मी मौजूद रहे. सभी से जागरूकता अभियान को प्रभावी बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की गयी.
