जहानाबाद में सुरक्षा गार्डों की हड़ताल खत्म, वेतन में होगी इतने रुपये की बढ़ोतरी

जहानाबाद में स्वास्थ्य विभाग के सुरक्षा गार्ड्स ने वेतन वृद्धि और पीएफ भुगतान पर सहमति के बाद अपनी हड़ताल समाप्त कर दी है। जानें पूरी खबर विस्तार से।

Jehanabad News : जहानाबाद में स्वास्थ्य विभाग के सुरक्षा गार्डों की दो दिन से चल रही हड़ताल गुरुवार को समाप्त हो गई. नई एजेंसी ई-लाइट फाल्कन के साथ वेतन में बढ़ोतरी, पीएफ की राशि बढ़ाने और दो माह के बकाया वेतन के भुगतान पर सहमति बनने के बाद सुरक्षा गार्ड काम पर लौट आए. हड़ताल के दौरान जिले के सभी प्रखंडों के सुरक्षा गार्डों ने डीएम कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया था और मांगों से संबंधित ज्ञापन जिला अधिकारी को सौंपा था.

वेतन 18 हजार करने और पीएफ बढ़ाने की थी मांग

सुरक्षा गार्ड अपना वेतन बढ़ाकर 18 हजार रुपये प्रतिमाह करने, दो माह से लंबित वेतन का भुगतान करने और पीएफ खाते में हर माह 3600 रुपये जमा करने की मांग कर रहे थे. गार्डों का कहना था कि पिछले दो माह से उन्हें वेतन नहीं मिला है. इसी बीच सुरक्षा एजेंसी भी बदल गई. इससे पहले वाली एजेंसी के साथ वे पिछले चार वर्षों से काम कर रहे थे, लेकिन इस दौरान उनके वेतन में बढ़ोतरी नहीं की गई.

पीएफ की राशि घटाकर दो हजार करने का आरोप

सुरक्षा गार्डों के सिक्योरिटी ऑफिसर राजकिशोर शर्मा ने बताया कि वर्ष 2023 में उनके पीएफ खाते में 3600 रुपये के हिसाब से राशि जमा की जा रही थी. बाद में एजेंसी ने पीएफ की राशि धीरे-धीरे घटाकर दो हजार रुपये कर दी. सुरक्षा गार्ड अब फिर से 3600 रुपये के हिसाब से पीएफ की राशि खाते में जमा करने की मांग कर रहे थे.

नई एजेंसी ने दिया बढ़ोतरी का आश्वासन

नई एजेंसी ने सुरक्षा गार्डों के वेतन में एक हजार रुपये की बढ़ोतरी करने और हर माह 3600 रुपये पीएफ खाते में जमा करने का आश्वासन दिया है. इसके अलावा दो माह के बकाया वेतन का भुगतान भी जल्द करने की बात कही गई है. एजेंसी ने बकाया वेतन के भुगतान के लिए एक सप्ताह का समय मांगा है. इन आश्वासनों के बाद सुरक्षा गार्डों ने हड़ताल समाप्त कर दी और गुरुवार से काम पर लौट आए.

दो दिन हड़ताल से अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित

सुरक्षा गार्डों के हड़ताल पर जाने से जहानाबाद सदर अस्पताल समेत जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो गई थी. अस्पतालों में मरीजों को लाइन में लगाने, परिसर की निगरानी और सामानों की देखरेख के लिए सुरक्षा गार्ड मौजूद नहीं थे. गार्डों के काम पर लौटने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों ने भी राहत की सांस ली.


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By Sanjay Anurag

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