जहानाबाद. सदर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं. पूर्व सांसद डॉ. अरुण कुमार ने शनिवार रात सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया, जहां इमरजेंसी वार्ड में दो डॉक्टरों की जगह केवल एक ही डॉक्टर ड्यूटी पर मिले. इस स्थिति पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए.
बंद के दौरान डीएम ने दिए थे दो डॉक्टर तैनात रखने के निर्देश
बताया जाता है कि बिहार बंद को देखते हुए जिलाधिकारी छिरिङ वाई भूटिया ने 24 जुलाई को स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट रहने का निर्देश दिया था. उन्होंने सभी डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की छुट्टी रद्द करते हुए इमरजेंसी में रोस्टर के अनुसार दो डॉक्टरों की ड्यूटी सुनिश्चित करने की सख्त हिदायत दी थी.
इसके बावजूद शनिवार रात करीब 9 बजे जब पूर्व सांसद अस्पताल पहुंचे तो इमरजेंसी में केवल ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. अमन कुमार ही मौजूद थे. रोस्टर के अनुसार तैनात दूसरे डॉक्टर वहां नहीं मिले.
गंभीर मरीजों को इलाज के बजाय किया जा रहा रेफर : पूर्व सांसद
पूर्व सांसद डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि सदर अस्पताल में गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज देने के बजाय लगातार रेफर किया जा रहा है. उन्होंने करंट लगने से घायल एक मरीज को रेफर किए जाने का उदाहरण देते हुए कहा कि जिले के सबसे बड़े अस्पताल की ऐसी स्थिति चिंताजनक है.
उन्होंने कहा कि सदर अस्पताल को रेफरल अस्पताल बना दिया गया है, जबकि इसका उद्देश्य जिले के गंभीर मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है.
सदर अस्पताल की भूमिका पर जताई चिंता
डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि जिले में मखदुमपुर और घोसी में पहले से रेफरल अस्पताल हैं. सदर अस्पताल को उन अस्पतालों से आने वाले गंभीर मरीजों के इलाज के लिए तैयार रहना चाहिए. उन्होंने कहा कि अस्पताल में डॉक्टरों की उपलब्धता और इमरजेंसी व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी है.
सिविल सर्जन से की गई बात, अधिकारियों से करेंगे चर्चा
पूर्व सांसद ने बताया कि उन्होंने इस मामले को लेकर सिविल सर्जन से बातचीत की, लेकिन उन्होंने बताया कि वह पटना में हैं. डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार को लेकर वह संबंधित अधिकारियों से बातचीत करेंगे और मरीजों को बेहतर इलाज दिलाने का प्रयास करेंगे.
पहले भी निरीक्षण में सामने आ चुकी है कमी
गौरतलब है कि इससे पहले सिविल सर्जन के निरीक्षण के दौरान भी इमरजेंसी में एक ही डॉक्टर मौजूद मिले थे. उस समय दूसरे डॉक्टर के बारे में बताया गया था कि वह चाय पीने गए हैं. लगातार सामने आ रही ऐसी स्थिति से अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं.
