Jehanabad News: जिले में नदियों के उफान से बनी गंभीर स्थिति में अब तेजी से सुधार देखने को मिल रहा है. जिले की प्रमुख दरधा और मोरहर नदी के जलस्तर में निरंतर कमी दर्ज की जा रही है, जिससे तटीय इलाकों में घुसा पानी धीरे-धीरे उतरने लगा है. स्थिति की समीक्षा करने के लिए जिला पदाधिकारी (डीएम) छिरिङ वाई भूटिया ने जलस्तर से प्रभावित स्वामी सहजानंद (एस.एस.) कॉलेज परिसर और जाफरगंज क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया तथा जमीनी हालात का जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान इन इलाकों में भी पानी का स्तर लगातार घटता पाया गया.
सतर्कता में ढिलाई न बरतें अधिकारी, एसओपी का हो पालन
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि भले ही जलस्तर में कमी आ रही हो, लेकिन प्रशासनिक मशीनरी किसी भी स्तर पर शिथिल न पड़े. डीएम ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने और जलस्तर घटने के उपरांत लागू होने वाली विभागीय मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि पानी कम होने के बाद सुरक्षा उपायों और निगरानी तंत्र में तनिक भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
जलप्रवाह में बाधा बन रही जलकुंभी हटाने का आदेश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल और स्थानीय निकायों को सख्त हिदायत दी:
- जलकुंभी की सफाई: पुल-पुलियों, नहरों और नदी के मुहाने पर जलप्रवाह में अवरोध पैदा कर रही जलकुंभी को युद्धस्तर पर लगातार हटाया जाए, ताकि जल निकासी में कोई रुकावट न आए.
- बैरिकेडिंग का स्थानांतरण: पानी कम होने के अनुरूप पूर्व में लगाई गई सुरक्षा बैरिकेडिंग को आवश्यकतानुसार आगे स्थानांतरित किया जाए, जिससे आम नागरिकों की आवाजाही सुरक्षित रहे.
- अपूर्ण पहुंच पथ का निर्माण: डीएम ने अपर समाहर्ता (राजस्व) तथा ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया कि एसएस कॉलेज के पास अधूरे पड़े पहुंच पथ का निर्माण कार्य बिना विलंब किए तत्काल शुरू कराया जाए.
प्रशासन आपके साथ, लेकिन रहें पूरी तरह सतर्क: डीएम
"जिले में नदियों का जलस्तर तेजी से घट रहा है, लेकिन नागरिकों को अब भी पूरी सावधानी बरतने की आवश्यकता है. पूरा जिला प्रशासन 24 घंटे आपके साथ खड़ा है. संवेदनशील घाटों और तटबंधों पर अधिकारियों की निरंतर गश्त जारी रहेगी ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके." — छिरिङ वाई भूटिया, जिला पदाधिकारी, जहानाबाद
