Jehanabad News: जिला पदाधिकारी (डीएम) छिरिङ वाई भूटिया की अध्यक्षता में समाहरणालय में राजस्व शाखा से जुड़े विभिन्न कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में जिले के सभी अंचलों में म्यूटेशन (दाखिल-खारिज), परिमार्जन प्लस, ई-मापी और जन शिकायत पोर्टल पर दर्ज मामलों की अंचलवार समीक्षा की गई. डीएम ने लंबित आवेदनों की बढ़ती संख्या पर कड़ा रुख अपनाते हुए सभी अंचल अधिकारियों (सीओ) को सख्त निर्देश दिया कि वे मिशन मोड में काम करते हुए पेंडेंसी को शीघ्र समाप्त करें. उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों को राजस्व सेवाओं के लिए अनावश्यक चक्कर न काटने पड़ें, इसके लिए पारदर्शिता और समयबद्धता अनिवार्य है.
अमीनों के कार्यों की होगी नियमित मॉनिटरिंग, ई-मापी में तेजी लाने का आदेश
भूमि विवादों के त्वरित समाधान के लिए ई-मापी और भूमि सीमांकन के मामलों की समीक्षा करते हुए डीएम ने भूमि सुधार उप समाहर्ता (डीसीएलआर) को अंचल स्तर पर अमीनों के कार्यों का नियमित अनुश्रवण करने को कहा. उन्होंने निर्देश दिया कि ई-मापी से जुड़े सभी लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन कराया जाए ताकि जमीन की पैमाइश में कोई गतिरोध न रहे. इसके अतिरिक्त, प्रत्येक शनिवार को थानों और अंचलों में आयोजित होने वाले जनता दरबार की समीक्षा करते हुए डीएम ने निर्देश दिया कि जिला स्तर पर आयोजित जनता दरबार में आने वाले राजस्व मामलों को संबंधित सीओ को भेजकर शनिवारीय जनता दरबार में प्राथमिकता के आधार पर हल कराया जाए.
49 स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए सोमवार तक भूमि सीमांकन का टास्क
जिले के विकास कार्यों और अधोसंरचना को गति देने के उद्देश्य से डीएम ने प्रस्तावित 49 नए विद्यालयों (25 उच्च विद्यालय और 24 प्राथमिक विद्यालय) के निर्माण के लिए भूमि चिह्नित करने का निर्देश दिया. संबंधित अंचल अधिकारियों और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (बीईओ) को निर्देशित किया गया कि वे सोमवार तक चिह्नित भूमि की नापी और सीमांकन का कार्य हर हाल में पूरा कर लें. इसके साथ ही समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत बनने वाले आंगनबाड़ी केंद्रों और कायाकल्प योजना के तहत स्वास्थ्य व शिक्षा विभाग से जुड़ी जमीन से जुड़े मामलों को अंतर-विभागीय समन्वय बनाकर प्राथमिकता से निपटाने का आदेश दिया गया.
अदालती मामलों में अंतिम समय की प्रतीक्षा न करें अधिकारी: डीएम छिरिङ वाई भूटिया
हाईकोर्ट में लंबित सीडब्लूजेसी (CWJC) और एमजेसी (MJC) जैसे अदालती वादों की समीक्षा करते हुए डीएम ने दो टूक शब्दों में अधिकारियों को सचेत किया. जिला पदाधिकारी छिरिङ वाई भूटिया ने निर्देश देते हुए कहा-
"अदालती प्रक्रियाओं और अवमानना से जुड़े मामलों में संबंधित पदाधिकारी अंतिम समय तक प्रतीक्षा न करें, बल्कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवश्यक शपथ पत्र (काउंटर एफिडेविट) दाखिल करना सुनिश्चित करें. सभी अंचल अधिकारी और राजस्व कर्मी अपने दैनिक कार्यों में जवाबदेही लाएं, ताकि आम जनता को पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें."
