विजय सिन्हा के एलान के बाद: जहानाबाद में फार्मर रजिस्ट्री का काम तेज, समीक्षा बैठक कर डीएम ने दिए सख्त निर्देश

Bihar News: जहानाबाद में एग्री स्टैक परियोजना के तहत चल रहे फार्मर रजिस्ट्री अभियान को लेकर जिला पदाधिकारी अलंकृता पाण्डेय ने समीक्षा बैठक की. डीएम ने सभी अधिकारियों को मिशन मोड में काम करते हुए 20 जून तक अधिक से अधिक किसानों की फार्मर आईडी बनाने का निर्देश दिया.

Bihar News:(मृत्युंजय कुमार की रिपोर्ट) कृषि मंत्री बनने के बाद विजय कुमार सिन्हा ने किसानों को लेकर बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि बिहार का कोई भी किसान अब सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहेगा. किसानों की डिजिटल पहचान सुनिश्चित करने और योजनाओं का लाभ सीधे उन तक पहुंचाने के लिए राज्यभर में विशेष फार्मर रजिस्ट्री अभियान चलाया जाएगा. विजय सिन्हा ने बताया कि 12 मई से 30 जून तक पूरे बिहार में विशेष फार्मर रजिस्ट्री अभियान संचालित किया जाएगा. इस दौरान अधिक से अधिक किसानों का पंजीकरण कराया जाएगा, ताकि उन्हें कृषि विभाग की सभी योजनाओं, अनुदान और सुविधाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से मिल सके. उन्होंने अधिकारियों को अभियान को गंभीरता से लेने और पंचायत स्तर तक किसानों को जागरूक करने का निर्देश भी दिया.

इसी कड़ी में जहानाबाद जिले में आज यानि मंगलवार को एग्री स्टैक परियोजना के तहत किसानों के पंजीकरण की प्रक्रिया मिशन मोड में संचालित की जा रही है. ताकि अधिक से अधिक किसानों को इस अभियान से जोड़ा जा सके.

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक

इसी क्रम में मंगलवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से फार्मर रजिस्ट्री अभियान की समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता जिला पदाधिकारी अलंकृता पाण्डेय ने की. बैठक में जिले के सभी संबंधित अधिकारियों को अभियान में तेजी लाने तथा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप किसानों का रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. डीएम ने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से किसानों का डिजिटल डाटाबेस तैयार किया जा रहा है. जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं, अनुदान और कृषि संबंधी सुविधाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से मिल सकेगा. उन्होंने अधिकारियों को पंचायत स्तर तक जागरूकता अभियान चलाने और किसानों को रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के प्रति प्रेरित करने के निर्देश भी दिए.

20 जून तक लक्ष्य पूरा करने का निर्देश

बैठक में डीएम ने राज्य सरकार और मुख्य सचिव के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि 12 मई से 30 जून 2026 तक चलने वाले इस अभियान को मिशन मोड में चलाया जाए. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले की सभी 88 पंचायतों में अधिक से अधिक किसानों की फार्मर आईडी बनाई जाए. 20 जून तक लक्ष्य पूरा करने का प्रयास किया जाए.

अब तक 79 प्रतिशत कार्य पूरा

बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी ने अभियान की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की. उन्होंने बताया कि जिले में कुल 47,499 पीएम किसान लाभार्थि है. जिस में से 37,376 किसानों का फार्मर रजिस्ट्री कार्य पूरा हो चुका है,जो करीब 79 प्रतिशत है.

पंचायतवार पेंडेंसी सूची बनाने का निर्देश

डीएम ने जिला कृषि पदाधिकारी को पंचायतवार लंबित मामलों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया. यह सूची प्रखंड कृषि पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, बीडीओ, कृषि समन्वयक और कर्मचारियों को उपलब्ध कराई जाएगी. साथ ही सभी अधिकारियों को रोजाना प्रगति की समीक्षा करने को कहा गया.

फील्ड विजिट और प्रशिक्षण पर जोर

बैठक में निर्देश दिया गया कि पंचायत स्तर पर बीएलओ, किसान सलाहकार, कृषि समन्वयक और कर्मियों का प्रशिक्षण कराया जाए. सभी कर्मी नियमित रूप से गांवों में जाकर किसानों की फार्मर रजिस्ट्री सुनिश्चित करेंगे. किसानों की सुविधा के लिए कैंप, लॉगिन व्यवस्था और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया.

योजनाओं का लाभ मिलेगा सीधे खाते में

डीएम अलंकृता पाण्डेय ने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री किसानों की डिजिटल पहचान है. इससे पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, किसान क्रेडिट कार्ड, खाद सब्सिडी, बीज अनुदान, कृषि यंत्र सब्सिडी और आपदा राहत जैसी योजनाओं का लाभ सीधे किसानों के बैंक खाते में पहुंचेगा. उन्होंने बताया कि किसान कॉमन सर्विस सेंटर यानी CSC के माध्यम से भी अपनी फार्मर रजिस्ट्री करा सकते हैं.

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By Ragini Shamra

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