कलेर. प्रखंड कार्यालय के सभागार में शनिवार को अपर समाहर्ता रवि प्रसाद चौहान की अध्यक्षता में खनन संबंधी मामलों को लेकर समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई. बैठक में प्रखंड विकास पदाधिकारी सुशील कुमार, अंचलाधिकारी उत्तम राहुल, जिला खनन पदाधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे.
प्रस्तावित बालू घाटों पर ग्रामीणों की राय ली गई
बैठक में परासी थाना क्षेत्र के क्लस्टर संख्या 8 एवं 9 के प्रस्तावित बालू घाटों पर विस्तार से चर्चा हुई. अपर समाहर्ता ने स्पष्ट कहा कि खनन कार्य शुरू करने से पहले स्थानीय ग्रामीणों की सहमति अनिवार्य होगी. इसी क्रम में बैठक में उपस्थित ग्रामीणों से घाट संचालन को लेकर विस्तृत सुझाव और राय ली गई.
पर्यावरण, सड़क और ओवरलोड वाहनों का मुद्दा उठा
ग्रामीणों ने बैठक में पर्यावरण संरक्षण, धूल प्रदूषण, सड़कों की खराब स्थिति और ओवरलोड वाहनों की आवाजाही पर चिंता जताई. उन्होंने बिना तिरपाल के ट्रैक्टरों से बालू परिवहन पर भी आपत्ति दर्ज कराई. ग्रामीणों ने मांग की कि खनन के दौरान पेड़-पौधों और जल स्रोतों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे.
वृक्षारोपण और स्थानीय रोजगार की भी उठी मांग
बैठक में ग्रामीणों ने सड़क किनारे वृक्षारोपण कराने और खनन कार्य में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराने की मांग रखी. उनका कहना था कि इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ क्षेत्र के लोगों को रोजगार का लाभ भी मिलेगा.
नियमों के तहत ही मिलेगी खनन की अनुमति
अपर समाहर्ता रवि प्रसाद चौहान ने ग्रामीणों की सभी बातों को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि उनकी समस्याओं का समाधान करते हुए ही आगे की प्रक्रिया पूरी की जाए. उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी नियमों और आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन करने के बाद ही खनन की अनुमति दी जाएगी. बैठक में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद रहे.
