जहानाबाद : शहर के एक रेस्ट हाउस में पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने प्रेसवार्ता कर बेवाकी से अपनी राय रखी. कहा कि मेरी व्यक्तिगत राय है नीतीश जी महागठबंधन में आ जाएं और मैं उनका स्वागत करूंगा.
पहले से भी वे महागठबंधन में आते-जाते रहे हैं लेकिन सत्ता की भूख ने उन्हें घेर रखा है. महागठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर कहा कि अब खरमास के बाद सभी पार्टियों के लोग जल्द ही एक साथ बैठकर रणनीति बनायेंगे और सीटों के बंटवारे पर सामंजस्य स्थापित करेंगे.
उन्होंने केंद्र की एनडीए सरकार पर चोट करते हुए कहा कि हर मोर्चे पर विफल रही है केंद्र की मोदी सरकार. आज देश आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रहा है. वहीं पीएम लोगों के बीच सिर्फ गलतफहमी पैदा कर समाज को बांटने में लगे हैं. एक तरफ पीएम कहते हैं कि एनआरसी लागू नहीं होगा तो वहीं दूसरी ओर गृह मंत्री अमित शाह एनआरसी को हर हाल में लागू करने की बात कह रहे हैं. इस तरह की दो तरफी बात से भ्रम की स्थिति पैदा हो गयी है.
सीएए और एनआरसी एक ही सिक्के के दो पहलू हैं, जिसे हिंदुस्तान में लागू करना कतई सही नहीं होगा. यहां हर धर्म, जाति के लोगों का बसेरा है. साथ ही भारत एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र भी है लेकिन मोदी की सरकार इसे हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए तरह-तरह का षड्यंत्र रच रही है जिसे हम नेस्तनाबूद कर देंगे. महागठबंधन के सभी साथी खरमास के बाद एकजुटता दिखाते हुए एनडीए के खिलाफ मोर्चाबंदी शुरू करेंगे. चुनाव में अब ज्यादा वक्त नहीं रह गया है.
सीटों के बंटवारे में देर करना भी सही नहीं रहेगा. समय रहते सब कुछ दुरुस्त करते हुए एनडीए के खिलाफ जोरदार तरीके से लड़ाई लड़ने के लिए शंखनाद का समय करीब आ गया है. साथ ही कहा कि राजनीति संभावनाओं का खेल है.
आगे कुछ भी संभव है. अगर रघुवंश बाबू नीतीश जी के महागठबंधन में आने का कुछ संकेत दे रहे हैं तो वो मुझे सही ही लग रहा, क्योंकि जब नीतीश जी एनडीए में जानेवाले थे तो उस वक्त भी रघुवंश बाबू ने इशारों- ही- इशारों में कह दिया था कि नीतीश जी एनडीए के साथ जायेंगे. उनके कयास सही होने से एक बार फिर इस बात को बल मिलने लगा है कि देर ही सही लेकिन नीतीश महागठबंधन का हिस्सा हो सकते हैं. प्रेसवार्ता में हम के नेता वीरेंद्र सिंह, सत्येंद्र सिंह, भीम सिंह, देवानंद सिंह समेत कई लोग मौजूद रहे.
