लोगों ने पीली कोठी के पास लुटेरे को पकड़ किया पुलिस के हवाले
थाने में हो रही पूछताछ बड़े गिरोह पर से पर्दा उठने की संभावना
जहानाबाद : ओड़िशा से आये लुटेरों का एक गिरोह जहानाबाद में सक्रिय है. गिरोह में करीब एक दर्जन युवक हैं, जिनमें नाबालिग लड़के भी शामिल हैं. गिरोह के सदस्य लूट और छिनतई की घटनाओं को अंजाम देते हैं. शनिवार को इसी गिरोह का एक सदस्य को लोगों ने पकड़ लिया. शातिर अपराधी नाबालिग पर शातिर सदस्य लोगों की पकड़ में आ गया. शहर के बिचली मोहल्ले के निवासी मो गोल्डेन नामक आलू व्यवसायी से दिनदहाड़े डेढ़ लाख रुपयों से भरा बैग छीन कर भागने का प्रयास कर रहे बदमाश को पकड़ लिया.
भीड़ ने उसकी पिटाई कर टाइगर मोबाइल के जवानों को सौंप दिया. पकड़े गये नाबालिग से नगर थाने में पूछताछ की जा रही है. वह अपना नाम विकास पोद्दार और पिता का नाम पोचराज पोद्दार बतात रहा है. पूछताछ के दौरान उसने बताया कि वह ओड़िशा के जाजपुर जिला अंतर्गत मैइतन थाने के रमना चौक के पास का रहनेवाला है.
चार दिनों से कर रहा था रेकी : शनिवार की दोपहर करीब 12:30 बजे आलू व्यापारी मो गोल्डेन डेढ़ लाख रुपयों से भरा बैग लेकर घर बिचली मोहल्ला जा रहा था. जब वह अस्पताल मोड़ के समीप से गुजर रहा था उसी दौरान उक्त नाबालिग तीन अन्य सहयोगियों के साथ उक्त व्यापारी पर गंदगी फेंकी. व्यावसायी को शक हो गया और उसे खदेड़ कर पीली कोठी के समीप पकड़ा. गिरोह के तीन सदस्य भागने में सफल हो गये. भीड़ ने पकड़े गये नाबालिग को लपर-थपड़ किया तब उसने अपना राज खोला.
उसने लोगों के समक्ष स्वीकार करते हुए कहा कि वह और उसका गिरोह चार दिनों से उक्त व्यावसायी की रेकी कर रहा था. पीछा किया जाता था लेकिन उपयुक्त समय नहीं मिल रहा था. शनिवार को बैग लेकर जा रहे व्यावसायी से लूट की उसकी योजना थी.
गिरोह में एक दर्जन अपराधी हैं शामिल
पिटाई के डर से उसने खुलासा किया कि वह ओड़िशा का रहनेवाला है. उसके साथ एक दर्जन लोगों का ग्रुप है इसके द्वारा अब तक शहर में चार घटनाओं को अंजाम दिया गया है. बाइक की डिक्की तोड़ कर उसमें रखे सामान व रुपये लूट कर ले भागने, लोगों के शरीर पर गंदगी फेंक कर उनका बैग छीनने समेत अन्य आपराधिक घटनाओं को अंजाम उसके गिरोह द्वारा दिया जाता है. इस संबंध में नगर थानाध्यक्ष एसके शाही ने फिलहाल सिर्फ इतना बताया कि लोगों के द्वारा पकड़ कर दिये गये नाबालिग से पूछताछ की जा रही है. लूट एवं छिनतई की घटनाओं को अंजाम देने वाले बड़े गिरोह का पर्दाफाश होने की संभावना है.
मां ने नहीं दिया मोबाइल तो करने लगा लूट
पुलिस के हिरासत में पहुंचा नाबालिग विकास पोद्दार ने पूछने पर बताया कि वो अपनी मां से स्मार्ट फोन खरीदने के लिए पैसे मांगता था. मां गरीबी का हवाला देते हुए शराबी पिता को कोसने लगी और मुझे भी खरी-खोटी सुनाते हुए डांट पिला दी और पिटाई भी की. गुस्से में मैं घर-वार छोड़कर लुटेरा गैंग के इस गिरोह के साथ पैसे कमाने की चाहत जुड़ गया.
शहर में कई दिनों से ठहरा हूं. पकड़े जाने पर अफसोस जताते हुए शातिर विकास फिलहाल यह कहता है कि वह जाजपुर से ट्रेन पर सवार होकर गया आया और फिर जहानाबाद स्टेशन पर था. उसकी यह बात कितनी सच्ची है यह तो पुलिस तहकीकात पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा.
