पुलिसकर्मियों को बढ़ते अपराध पर फटकार

निर्देश. एसडीपीओ ने कहा, 15 दिनों में निबटाएं मामले जहानाबाद : जिले के सभी 11 थानाें और छह ओपी में दर्ज आपराधिक मामलों की लंबी फेहरिस्त है. उसके निष्पादन की गति धीमी है और दिनों-दिन कांडों की संख्या में बढ़ोतरी ही हो रही है. गत एक माह से विशेष प्रतिवेदित कांडों के निष्पादन की स्थिति […]

निर्देश. एसडीपीओ ने कहा, 15 दिनों में निबटाएं मामले

जहानाबाद : जिले के सभी 11 थानाें और छह ओपी में दर्ज आपराधिक मामलों की लंबी फेहरिस्त है. उसके निष्पादन की गति धीमी है और दिनों-दिन कांडों की संख्या में बढ़ोतरी ही हो रही है. गत एक माह से विशेष प्रतिवेदित कांडों के निष्पादन की स्थिति अत्यंत दयनीय है. पुलिस प्रशासन को वरिष्ठ अधिकारियों के द्वारा बार-बार निर्देशित और स्मारित करने के बावजूद कांडों के निष्पादन के स्तर में सुधार नहीं हो रहा है. इस स्थिति को जहानाबाद के एसडीपीओ प्रभातभूषण श्रीवास्तव ने काफी गंभीरता से लिया है और लंबित मामलों के निबटारे में शिथिलता बरतने के पुलिस अफसरों के रवैये को अत्यंत ही खेद जनक कहा है.
एसडीपीओ ने जिले के सभी थानों और ओपी में दर्ज मामलों की संख्या कम करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश पुलिस अधिकारियों को दिया है. इस सिलसिले में उन्होंने सोमवार को सभी थानाध्यक्षों और ओपी के प्रभारियों के पास पत्र भेजा है, जिसमें निर्देशित किया गया है कि लक्ष्य के अनुरूप लंबित विशेष प्रतिवेदित कांडों का निष्पादन तेजी से किया जाये. इसके लिए उन्होंने समय-सीमा का भी निर्धारण किया है. 15 दिनों के भीतर यानी नवंबर माह समाप्त होने पर 126 मामलों का निष्पादन करने का टास्क थानाध्यक्षों को सौंपा गया है. सबसे अधिक 50 मामले निबटाने का टास्क जहानाबाद नगर थाने को सौंपा गया है.
मंगलवार को एसडीपीओ ने बताया कि कांडों के निष्पादन में लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जायेगी. नगर थाना के अलावा काको थाना को 10, महिला थाना को आठ, मखदुमपुर को सात, एससी-एसटी थाने को चार, शकुराबाद को पांच, परसबिगहा को चार, घोसी को आठ, हुलासगंज को सात, पाली को दो और बराबर थाने को एक मामला निर्धारित अवधि के भीतर निबटाने को कहा गया है. इसके अलावा कल्पा और कड़ौना ओपी के प्रभारियों को दो-दो, टेहटा ओपी को पांच, विशुनगंज को दो, ओकरी को छह और भेलावर ओपी प्रभारी को तीन मामले निष्पादित करने के टास्क दिये गये हैं.
वारंट और कुर्की के मामले का भी करें निष्पादन
एसडीपीओ ने वारंट और कुर्की के लंबित मामलों पर भी चिंता व्यक्त की है. उन्होंने कहा है कि थानाध्यक्षों और ओपी के प्रभारियों के द्वारा समर्पित एवं हिंदी शाखा के द्वारा समर्पित लंबित वारंट और कुर्की की संख्या में काफी भिन्नता है और स्थिति काफी भयावह है. उन्होंने आदेश दिया है कि लंबित जमानतीय या अजमानतीय वारंट-इस्तेहार एवं कुर्की के निष्पादन हेतु प्रतिदिन दो पदाधिकारियों को संबंधित थाना क्षेत्र में भेज कर मामलों को निष्पादित कराएं. किस पदाधिकारी के द्वारा कितने मामले निष्पादित किये गये हैं. इसकी सूचना भी देने का निर्देश एसडीपीओ ने दिया.

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