राजद कार्यकर्ताओं ने कई गांवों में चलाया जनसंपर्क अभियान
जहानाबाद : केंद्र सरकार की कथित जनविरोधी नीति नोटबंदी एवं जीएसटी के खिलाफ आठ नवंबर को राजद द्वारा शहर में आक्रोश रैली निकली जायेगी. रैली की सफलता के लिए पार्टी के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने सोमवार को शहर के अलावा कई ग्रामीण इलाकों में जनसंपर्क अभियान चलाया और रैली में शामिल होने की अपील करते हुए नोटबंदी एवं जीएसटी से हुए नुकसान के बारे में जानकारी दी. जनसंपर्क अभियान जहानाबाद बाजार के अलावा काजीसराय, घोसी, धर्मपुर, काको, टेहटा, मखदुमपुर एवं रतनी प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों में चलाया गया. इस दौरान राजद नेताओं ने लोगों को बताया कि केंद्र की मोदी सरकार ने आठ नवंबर 2016 को देश में नोटबंदी लागू किया था.
प्रधानमंत्री ने अपने इस कदम के तीन उद्देश्य बताये थे. उन्होंने कहा था कि काला धन को समाप्त करेंगे, आतंकवाद को परास्त करेंगे और जाली नोट को समाप्त करना उनका मकसद था, लेकिन नोटबंदी लागू किये जाने के एक वर्ष बीत गये न तो काला धन पकड़ा गया और न ही सीमाओं पर आतंकवादी गतिविधियां रुकी और न ही जाली नोट पकड़े गये.
केंद्र सरकार का उक्त तीनों मिशन फेल साबित हुआ. जनसंपर्क अभियान के दौरान नेताओं ने यह भी कहा कि भाजपा एवं केंद्र सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए देश में सद्भाव बिगाड़ने की साजिश कर रही है. जीएसटी लागू कर प्रधानमंत्री ने देश की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह चौपट कर दिया है.
इस दौरान नेताओं ने लोगों से अपील की कि आक्रोश रैली में शामिल होकर लोग मोदी सरकार की गलत नीतियों का विरोध करें. राजद के जिलाध्यक्ष मुजफ्फर हुसैन राही, प्रवक्ता डाॅ शशिरंजन उर्फ पप्पू यादव, उपाध्यक्ष परमहंस राय के अलावा उदय कुमार, अशोक यादव, बिहारी यादव, नित्यानंद यादव, उमेश कुमार यादवेंदु, रामदीप यादव एवं सुनील कुमार सहित पार्टी के कई नेता जनसंपर्क में शामिल थे.
