दो वर्षों से िरक्त एई का पद थमी योजनाओं की रफ्तार

जहानाबाद : नगर पर्षद क्षेत्र में विगत चार माह से विकास योजनाओं का क्रियान्वयन मंद पड़ा है. सभी 33 वार्डों में लंबे समय से विकास के नाम पर एक ईंट भी नहीं जोड़ा गया. मोहल्लों की कई कच्ची गलियों और नालियों का पक्कीकरण या मरम्मत नहीं हो रही है. इसका एक प्रमुख कारण है पर्षद […]

जहानाबाद : नगर पर्षद क्षेत्र में विगत चार माह से विकास योजनाओं का क्रियान्वयन मंद पड़ा है. सभी 33 वार्डों में लंबे समय से विकास के नाम पर एक ईंट भी नहीं जोड़ा गया. मोहल्लों की कई कच्ची गलियों और नालियों का पक्कीकरण या मरम्मत नहीं हो रही है. इसका एक प्रमुख कारण है पर्षद कार्यालय में सहायक अभियंता का पद खाली रहना है. तकरीबन दो साल से उक्त पद पर स्थायी तौर से असिस्टेंट इंजीनियर नहीं है. इस पद पर जिन्हें प्रतिनियुक्त किया गया था उनका भी तबादला हो चुका है.
ऐसी हालत में योजनाओं की तकनीकी स्वीकृति देने या जांच करने का कार्य बाधित है. यहां बता दें कि जहानाबाद नगर पर्षद क्षेत्र में वार्डों की संख्या 33 है जहां सरकार के सात निश्चय कार्यक्रम ,मुख्यमंत्री नाली -गली योजना और नगर पर्षद की बैठक में वार्ड पार्षदों की अनुशंसा पर चयनित विकास की अन्य योजनाओं का कार्यान्वयन कराया जाता है .
योजनाओं को पूरा करने के लिए पर्षद कार्यालय में फिलहाल तीन कनीय अभियंता है जिन पर कार्यों का बोझ है. जो तीनों अभियंता हैं वो भी प्रतिनियुक्ति पर ही है. स्थायी कनीय अभियंता भी कार्यालय में वर्षों से उपलब्ध नहीं है. सहायक अभियंता का पद दो साल से खाली पड़ा है. अब प्रतिनियुक्त सहायक अभियंता का भी तबादला हो जाने से नगर पर्षद की परेशानी बढ़ गयी है. पूर्व की बैठक में लिए गये निर्णय के आलोक में तकरीबन ढाई करोड़ की लागत से विभिन्न वार्डों में 23 योजनाओं का क्रियान्वयन कराने के लिए टेंडर प्रकाशित करने की प्रक्रिया जल्द होने वाली है. विडंबना यह है कि यदि समय रहते स्थायी या प्रतिनियुक्ति के तौर पर सहायक अभियंता नगर पर्षद को नहीं मिले तो विकास योजनाओं के क्रियान्वयन की गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है.
संबंधित संवेदक कार्य तो करायेंगे लेकिन उसकी गुणवत्ता की तकनीकी जांच कैसे होगी. साथ ही उनके विपत्रों के भुगतान में भी सहायक अभियंता की कमी खलेगी. इतना ही नहीं वर्तमान समय में विकास की नयी योजनाओं का प्राक्कलन तो कनीय अभियंता तो बना देंगे पर उसकी तकनीकी स्वीकृति कैसे मिलेगी. ऐसी हालत में यदि शीघ्र नगर पर्षद कार्यालय में सहायक अभियंता को पदस्थापित नहीं किया गया तो वार्डों में विकास का काफी हद तक प्रभावित रहेगा.
किया गया है पत्राचार
मेरे दो वर्षों के कार्यकाल में नगर पर्षद में स्थायी तौर पर सहायक अभियंता नहीं आये. डूडा के असिस्टेंट इंजीनियर ही अतिरिक्त प्रभार में रहे जिनके माध्यम से योजनाओं का क्रियान्वयन कराया जाता रहा है. जून माह में उनका भी तबादला हो गया है. सहायक अभियंता को पदस्थापित करने के लिए नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव के पास पत्राचार किया गया है. शीघ्र इस समस्या का हल निकल जायेगा.
संजीव कुमार ,कार्यपालक पदाधिकारी, नगर पर्षद.

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