– एक तरफ हो रही थी बेटे की शादी लेकिन एक हादसे ने छीन ली मां की जिंदगी
– बहु का मुंह देखने से पहले दुनिया छोड़ गई मां, शादी वाले घर में पसर गया मातम– बेटे को नहीं थी अपनी मां की मौत की जानकारी, आनन फानन में कराई गई शादी
खैराएक युवक की शादी में एक पूरा परिवार लगा हुआ था. बेटा पूरे गाजे-बाजे के साथ बारात गया था और परिवार में जश्न का माहौल चल रहा था. एक तरफ बेटे की शादी चल रही थी, लेकिन दूसरी तरफ कुछ ऐसा हुआ कि शादी की खुशियां मातम में बदल गई. शहनाईयों का शोर करुण विलाप में बदल गया. मामला खैरा थाना क्षेत्र के जोगाझिंगोई गांव का है, जहां अपने बहु का इंतजार कर रही एक मां हादसे का शिकार बन गई. तेज रफ्तार ने शादी के जश्न में डूबे परिवार की खुशियां छीन ली. खैरा-सोनो मार्ग पर एनएच 333 ए पर एक तेज रफ्तार ऑटो ने एक महिला को टक्कर मार दी. विशुन मालाकार की 61 वर्षीय पत्नी रोबा देवी उर्फ सरस्वती देवी गंभीर रूप से जख्मी हो गई. परिजनों के द्वारा घायल बुजुर्ग महिला को इलाज के लिए एक निजी क्लिनिक में भर्ती कराया गया, लेकिन गुरुवार सुबह महिला की मौत हो गई. मृतका के बेटे की शादी थी और घर के सभी लोग बारात में गए हुए थे. इसी बीच रोबा देवी किसी काम से सिंगारीटांड गई थी. जहां से लौटने के क्रम में एक तेज रफ्तार ऑटो ने उसे ठोकर मार दी, और इस घटना में उसकी मौत हो गई. घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची है और शव को अपने कब्जे में लेकर अंत्य परीक्षण हेतु सदर अस्पताल भेज दिया है. घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसर गया है.
बेटे को नहीं थी अपने मां के मौत की जानकारी
मृतका रोबा देवी के दामाद अशोक मालाकार ने बताया कि बीते बुधवार देर शाम मृतका के पुत्र पंकज कुमार की बारात विदा हुई थी. बारात लखीसराय जिले के सूर्यगढ़ा थाना क्षेत्र के जापानी गांव गई थी. हम लोग रास्ते में ही थे तभी हमें खबर मिली कि घर पर कुछ घटना हुई है. हालांकि इस बात की जानकारी पंकज को नहीं दी गई. हमें भी साफ-साफ नहीं बताया गया कि क्या हुआ है, पर इतना कहा गया कि जल्दीबाजी में बस किसी तरह शादी कर के घर लौट आएं. सुबह जब हम लोग घर लौटे तब हमें पता चला कि सड़क दुर्घटना में मेरी सास की मौत हो गई है. उसने बताया कि हम लोग काफी गरीब परिवार के लोग हैं और हमपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. यह अभी बता दें कि मृतका के पति विशुन मालाकार मजदूरी करते हैं. जबकि उनके सभी बेटे संजय मालाकार, संतोष मालाकार, लालजीत मालाकार, पंकज कुमार और श्रीराम कुमार भी पिता की ही तरह मजदूरी करते हैं. बताया जाता है कि अपने बेटे की बारात विदा करने के बाद मृतका रोबा देवी एक और शादी समारोह में शामिल होने के लिए सिंगारीटांड़ गई थी और वह वहीं से पैदल ही अपने घर लौट रही थी, जिस दौरान यह हादसा हुआ है.
हादसों का पर्याय बन चुका है यह स्थान
जिस जगह जोगाझिंगोई निवासी रोबा देवी सड़क दुर्घटना की शिकार हुई, वह जगह एक्सीडेंट का पर्याय बन चुका है. लगातार यहां कई घटनाएं सामने आती रहती है, जिसमें लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है. बीते 21 जनवरी को भी ठीक इसी जगह पर पिकअप की ठोकर से साइकिल सवार दिहाड़ी मजदूर की मौत हो गई थी. इस घटना में भी जीतझींगोई गांव के ही रहने वाले 55 वर्षीय जगदीश मांझी की मौत हुई थी, जो मकान निर्माण में मजदूरी का काम करता था और वह साइकिल से जा रहा था. इसी दौरान तेज रफ्तार पिकअप ने उसकी साइकिल में ठोकर मार दी थी और फरार हो गया था. इस हादसे में मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई थी. जबकि इसके पहले भी 21 मार्च 2024 को ठीक इसी जगह पर एक सड़क हादसे में बाइक सवार दो लोगों की मौत हो गई थी. बाइक पर सवार दोनों लोगों को एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने कुचल दिया था. मृतक में जिला मुख्यालय के बिहारी मोहल्ला निवासी अंजेश कुमार सिंह और वीरेंद्र कुमार सिंह शामिल थे, जो अपने भांजे को देखने निजुआरा गांव जा रहे थे. इसके बाद अब एक बार फिर से ठीक उसी जगह पर एक और हादसा सामने आया है.
