गिद्धौर. प्रखंड की विभिन्न पंचायतों में मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्य तीव्र गति से जारी है, इसे लेकर सभी पंचायतों में मतदाताओं से गणना प्रपत्र भरवाया जा रहा है. अब तक 24142 से ज्यादा प्रपत्र अपलोड भी किये जा चुके हैं. लेकिन मतदाताओं को इसकी पावती रसीद नहीं दी जा रही है. गणना प्रपत्र की केवल एक प्रति दी जा रही है. उसे भरकर तुरंत जमा करना होता है. मतदाताओं के पास कोई प्रमाण नहीं रह जाता कि उन्होंने प्रपत्र भरा है या नहीं. जानकारों के अनुसार यह प्रपत्र दो प्रति में मिलना चाहिए, एक प्रति मतदाता के पास पावती रसीद के रूप में रहनी चाहिए. लेकिन कार्यालय से केवल एक ही प्रति दी जा रही है. अलग से कोई पावती भी नहीं दी जा रही है. इससे मतदाताओं में भ्रम की स्थिति बनी हुई है. बीएलओ प्रपत्र भरवाकर वापस ले रहे हैं. मतदाताओं का कहना है कि जन्म तिथि और अन्य जानकारी देना जरूरी बताया जा रहा था. इससे आशंका है कि कहीं नाम मतदाता सूची से हट न जाये. कोल्हुआ के विमल मिश्रा, रतनपुर के अर्जुन यादव, रंजीत यादव सहित कई लोगों ने इस पर चिंता जतायी है. मामले को लेकर बीडीओ सुनील कुमार ने बताया कि अभी पूरे प्रखंड में गणना प्रपत्र की एक ही प्रति उपलब्ध है, दूसरी प्रति छपने के बाद मतदाताओं को दी जाएगी. बीडीओ ने यह भी कहा कि 2003 की मतदाता सूची में जिनका नाम है, उन्हें कोई दस्तावेज देने की जरूरत नहीं है, केवल सूची की फोटो कॉपी या क्रमांक संख्या लिखना होगा. आयोग की ओर से दिए गए प्रपत्र पर हस्ताक्षर करना ही काफी है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
