पहली बारिश में खुल गई ‘विकास’ की पोल, जमुई में करोड़ों की सड़क-नाला योजना पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
Jamui News : नाला ऊंचा, सड़क नीची और पानी निकलने का रास्ता गायब. जमुई नगर परिषद में करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए सड़क और नाला निर्माण कार्य पहली ही बारिश में सवालों के घेरे में आ गए हैं. लोगों का आरोप है कि विकास के नाम पर सरकारी राशि का खुला बंदरबांट किया गया है.
जमुई से अर्जुन अरनव की रिपोर्ट : जमुई नगर परिषद क्षेत्र में हाल की हल्की बारिश ने शहर के विकास कार्यों की हकीकत उजागर कर दी है. करोड़ों रुपये की लागत से बनी सड़कें और नाले कुछ ही महीनों में टूटने लगे हैं. स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि निर्माण कार्य में भारी अनियमितता, घटिया सामग्री और तकनीकी नियमों की अनदेखी की गयी है. आरोप यह भी है कि अधिकारियों और संवेदकों की मिलीभगत से गुणवत्ता से समझौता किया गया.
सड़क बनी, लेकिन पानी निकासी का रास्ता ही नहीं
शहर के कई वार्डों में नाले तो बना दिए गए, लेकिन सड़क का पानी नाले में पहुंचे इसके लिए जरूरी कैच पिट या जालीदार चैंबर नहीं छोड़े गए. नतीजा यह है कि बारिश का पानी सड़कों पर जमा होकर तालाब जैसी स्थिति बना रहा है.स्थानीय लोगों का कहना है कि नालों की ऊंचाई सड़क से ज्यादा कर दी गयी है, जिससे पानी निकासी पूरी तरह बाधित हो रही है. कई मोहल्लों में बारिश का पानी घरों और दुकानों तक पहुंचने लगा है.
इंजीनियर गायब, संवेदकों पर मनमानी का आरोप
लोगों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्यों की निगरानी के लिए न तो कनीय अभियंता मौके पर पहुंचते हैं और न ही सहायक अभियंता. अधिकारियों की अनुपस्थिति का फायदा उठाकर संवेदक घटिया निर्माण सामग्री से जल्दबाजी में काम पूरा कर रहे हैं.स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सड़कों में निर्धारित गुणवत्ता के कंक्रीट की जगह कमजोर मिश्रण का इस्तेमाल किया गया, जिसके कारण सड़कें कुछ ही महीनों में उखड़ने लगी हैं.
मास्टर ड्रेनेज प्लान की अनदेखी
शहर के छोटे नालों को मुख्य आउटफॉल से जोड़े बिना ही निर्माण कार्य पूरा कर दिया गया. कई जगह ढाल गलत दिशा में होने के कारण पानी आगे बहने के बजाय वापस मोहल्लों में भर रहा है.लोगों का आरोप है कि बिना तकनीकी योजना के निर्माण कार्य कराए जाने से करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद शहर को जलजमाव से राहत नहीं मिल रही.
“ऊपर तक जाता है पैसा”, लोगों का गंभीर आरोप
कुछ वार्ड पार्षदों और स्थानीय लोगों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर आरोप लगाया कि नगर परिषद से लेकर अन्य विभागों तक कमीशन का पूरा सिंडिकेट काम कर रहा है. शिकायत करने पर कार्रवाई की जगह संवेदकों को बचाने का प्रयास किया जाता है.स्थानीय लोगों ने कहा कि ठेकेदार खुलेआम कहते हैं कि “ऊपर तक पैसा जाता है, जो करना है कर लो.” लोगों का आरोप है कि जनता के टैक्स की रकम का दुरुपयोग हो रहा है.
पहले भी सामने आ चुके हैं भ्रष्टाचार के मामले
जिले में हाल के दिनों में कई विभागों में भ्रष्टाचार के मामले सामने आ चुके हैं. ग्रामीण कार्य विभाग से जुड़े एक मामले में आर्थिक अपराध इकाई की छापेमारी में करोड़ों रुपये बरामद किए गए थे. वहीं नगर पंचायत सिकंदरा और सोनो स्वास्थ्य केंद्र में भी रिश्वतखोरी के मामलों में कार्रवाई हो चुकी है.
क्या बोलीं नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी
डॉ प्रियंका गुप्ता ने कहा कि नगर परिषद और बुडको द्वारा सड़क और नाला निर्माण कराया जा रहा है. कुछ जगहों पर तकनीकी खामियों की शिकायत मिली है, जिसकी जांच के लिए टीम गठित की जाएगी.उन्होंने कहा कि यदि निर्माण में गुणवत्ता की कमी या नियमों का उल्लंघन पाया गया तो संवेदकों का भुगतान रोका जाएगा और दोषी कर्मियों पर कार्रवाई होगी. साथ ही निर्माण स्थल पर कनीय अभियंता और सहायक अभियंता की मौजूदगी अनिवार्य बतायी गयी है.