अभिभावक की डांट से नाराज किशोर ने की आत्महत्या, पेड़ से लटका मिला किशोर का शव

बटिया थाना क्षेत्र अंतर्गत बाबा झुमराज मंदिर के दक्षिण रविवार को झाड़ियों के बीच स्थित पेड़ से एक किशोर का लटकता शव मिला.

सोनो. बटिया थाना क्षेत्र अंतर्गत बाबा झुमराज मंदिर के दक्षिण रविवार को झाड़ियों के बीच स्थित पेड़ से एक किशोर का लटकता शव मिला. गले में रस्सी के फंदे से लटकते शव के मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गयी. शव की पहचान गंदर पंचायत के बरसोतिया गांव निवासी महेंद्र सिंह के पुत्र गोखिल कुमार (15) के रूप में हुई. सूचना मिलते ही झाझा एसडीपीओ राजेश कुमार, बटिया थानाध्यक्ष सुजाता कुमारी, एसआइ आरपी राम व ब्यूटी कुमारी समेत अन्य पुलिस बल पहुंचे और शव को पेड़ से नीचे उतार पोस्टमार्टम के लिए जमुई भेज दिया. मौके पर एफएसएल की टीम ने जांच कर आवश्यक नमूने इकट्ठा किये. बताया जा रहा है कि घर में अभिभावक से डांट फटकार मिलने से नाराज होकर किशोर ने गले में फंदे डालकर पेड़ से झूलकर आत्महत्या कर ली. पुलिस ने भी इसे प्रथमदृष्टया आत्महत्या मान कर आगे की कार्रवाई शुरू की. वहीं मृतक किशोर का भाई गौतम कुमार ने थाने में लिखित आवेदन देकर भाई द्वारा आत्महत्या की बात कही.

वहीं ग्रामीण बताते हैं कि गोखिल को मोबाइल से ऑन लाइन गेम फ्री फायर खेलने की लत लग गयी थी. इसके अलावे सुलेशन के नशे की भी आदत लगी थी. उसकी आदत से पिता और बड़े भाई परेशान थे. बीते शनिवार को शाम इसी मुद्दे को लेकर पिता से उसे डांटा था. इससे नाराज गोखिल ने घर में ही मोबाइल पटक कर तोड़ दिया और शाम चार बजे घर से निकल गया. देर रात तक भी जब वह वापस घर नहीं आया तब परिवार सदस्य उसे खोजने लगे. रात में उसका कोई सुराग नहीं मिला. अगले दिन रविवार को जब झुमराज मंदिर से जुड़े लोग मंदिर के पीछे साफ सफाई में लगे तब मंदिर से लगभग 200 मीटर दूर झाड़ियों के बीच स्थित एक पेड़ से किशोर का लटकता शव दिखा. शव की पहचान गोखिल के रूप में हुई. मंदिर में बकरे की बलि के बाद फेंके जाने वाले प्लास्टिक की रस्सी से फंदे बनाकर पेड़ से नीचे झूल गया और अपनी जान दे दी. इधर, गोखिल के शव मिलने से उसके घर में कोहराम मच गया.

कोट

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई में जुट गयी. एफएसएल की टीम भी आयी. मृतक के भाई के द्वारा आवेदन दिया गया है जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है. प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है.

सुजाता कुमारी,

थानाध्यक्ष, बटिया

आनलाइन गेम की लत ने ले ली किशोर की जान

आनलाइन गेम की लत लोगों के जीवन पर किस तरह नकारात्मक प्रभाव डालता है यह आये दिन सुनने को मिलता है. किस तरह हंसता खिलता परिवार इस लत के कारण शोक में डूब जाता है यह भी प्रायः देखने को मिलता है. ताजा मामला बटिया के समीप के गांव बरसोतिया का है. महेंद्र सिंह के चार पुत्रों में सबसे छोटा पुत्र 15 वर्षीय गोखिल कुमार ऐसे ही लत की गिरफ्त में आ गया था. मोबाइल पर ऑनलाइन गेम फ्री फायर को खेलने की उसे ऐसी लत लग गयी जिससे उसके घर वाले परेशान हो गये. शनिवार को जब उसके पिता और बड़े भाइयों ने उसे डांट फटकार करते हुए इन बुरे लत को छोड़ने के लिए कहा तो गोखिल नाराज हो गया. गुस्से में उसने अपने मोबाइल को पटककर तोड़ डाला फिर घर से निकल गया. गुस्सा ऐसा की झुमराज बाबा मंदिर के पीछे पेड़ से फांसी पर लटककर अपनी जान ही दे दी.

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By PANKAJ KUMAR SINGH

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