अतिक्रमित नाले से आहर का पानी की निकासी बंद, धान की फसल डूबी

सोमवार को हुई मूसलाधार बारिश के कारण प्रखंड के अधिकांश आहर व पोखर पानी से लबालब हैं.

चकाई . सोमवार को हुई मूसलाधार बारिश के कारण प्रखंड के अधिकांश आहर व पोखर पानी से लबालब हैं. रामचंद्रडीह पंचायत स्थित भगोन आहर का जलस्तर बढ़ने से आहर का पानी पिंड के ऊपर से बह रहा है. इस कारण आहर के आस पास स्थानीय किसानों की लगभग 20 एकड़ से अधिक जमीन में लगी धान की फसल पूरी तरह डूब गयी है. पिछले दो दिनों से ऐसी ही स्थिति बनी हुई है. वहीं स्थानीय प्रभावित किसान सीताराम पांडेय सहित कई किसानों ने बताया कि आहर से पानी का मुख्य निकास दक्षिण की और बने बड़े नाले से होकर होता था, लेकिन मुख्य नाले पर भगोन के कुछ ग्रामीण मकान एवं शौचालय बनाने से नाला जाम हो गया है. इस कारण आहर में बारिश से जमा पानी से धान की फसल पूरी तरह डूब गयी है. प्रभावित किसानों ने यह भी बताया कि इस आहर से पूर्व में लगभग 60 एकड़ से अधिक भूमि सिंचित होती थी और धान और गेंहू की खेती होती है. नाला अतिक्रमित से नाले से हर वर्ष स्थानीय धान की फसल पानी में डूब जाती है. किसानों ने सीओ राजकिशोर साह से आग्रह कर नाला पर बने अतिक्रमण को हटाने की मांग की है. सीओ ने बताया कि उन्हें इसकी जानकारी स्थानीय किसानों से मिली है. जल्द ही इस समस्या को दूर किया जायेगा.

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By PANKAJ KUMAR SINGH

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