जमुई. बिहार राज्य चिकित्सा कर्मचारी संघ के बैनर तले अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में 102 एंबुलेंस कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन हड़ताल लगातार 14वें दिन रविवार को भी जारी रही. हड़ताल पर बैठे एंबुलेंस कर्मियों ने बताया कि जब तक हमलोगों की सभी मांगें पूरी नहीं होगी तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे रहेंगे. मौके पर संघ के सचिव सुभाष कुमार, बाल्मीकि कुमार मंडल, नरेश यादव, चंद्रशेखर आजाद, सीताराम पंडित, अमित कुमार, सुभाष यादव, प्रवीण कुमार, सोनू कुमार पांडेय, सतीश सुमन, सतीश कुमार, मो शाहिद, तौकीद अहमद, मो असलम, पंकज कुमार, सूरज कुमार, रत्नेश कुमार सिंह, विश्वकर्मा यादव, नंदन कुमार, वीरेंद्र कुमार, अशोक कुमार, विनोद कुमार, अंकुश कुमार, कैलाश कुमार यादव, धर्मेंद्र कुमार, नरेश कुमार, मनीष कुमार, विशंभर बाजपेयी, सुबोध सिंह, विजय राम, संजय टॉकीज मो इमरार, विकास कुमार, सूरज कुमार सहित अन्य चालक तथा ईमटी मौजूद थे.
मरीजों को हुई परेशानी
102 एंबुलेंस कर्मचारियों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाने से सदर अस्पताल में इलाज कराने आये मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. खासकर गंभीर रूप से घायल मरीज को पटना ले जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. रविवार को गंभीर रूप से बीमार एक व्यक्ति को चिकित्सक द्वारा इमरजेंसी कक्ष से बेहतर इलाज के लिये पटना रेफर किया गया, लेकिन 102 एंबुलेंस कर्मियों के हड़ताल पर रहने के कारण परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. थक-हार कर परिजन निजी वाहन से पटना ले जाने को मजबूर दिखे. वहीं सदर अस्पताल में प्रसव के बाद प्रसूता को घर जाने के लिये भी रविवार को एंबुलेंस सुविधा नहीं मिलने पर उन्हें निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा. मरीजों को हो रही इस परेशानियों के निदान को लेकर अस्पताल प्रबंधन द्वारा अबतक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं किया जा सका है. जिससे मरीजों के परिजनों में आक्रोश देखा जा रहा है.
कहते हैं प्रबंधक
इस संबंध में पूछे जाने पर सदर अस्पताल प्रबंधक रमेश कुमार पांडेय ने बताया कि वरीय पदाधिकारी द्वारा हड़ताल पर बैठे एंबुलेंस कर्मियों से वार्ता की जा रही है साथ ही एजेंसी से भी वार्ता की जा रही है. उम्मीद है जल्द ही वार्ता के माध्यम से हड़ताल को समाप्त करवा लिया जायेगा.
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