घोरमारा में नल-जल योजना का बोरिंग कार्य शुरू, ग्रामीणों में खुशी

प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत बाराकोला पंचायत के घोरमारा गांव में वर्षों से चली आ रही पेयजल संकट की समस्या अब समाप्त जायेगी.

झाझा. प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत बाराकोला पंचायत के घोरमारा गांव में वर्षों से चली आ रही पेयजल संकट की समस्या अब समाप्त जायेगी. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सक्रिय सदस्य कार्तिक कुसुम के प्रयास से गांव में नल-जल योजना के अंतर्गत बोरिंग कार्य की शुरुआत हो गयी है. इससे ग्रामीणों में काफी खुशी देखी जा रही है. ग्रामीणों ने बताया कि कुछ सप्ताह पूर्व अभाविप के छात्र नेता सह सामाजिक कार्यकर्ता कार्तिक कुसुम ने ग्रामीणों की शिकायत पर घोरमारा गांव का दौरा कर ग्रामीणों की पेयजल समस्या को गंभीरता से लिया. गांव में स्थित चापाकल भी कई महीनों से खराब पड़ा था. जिससे ग्रामीणों को दूरदराज के इलाकों से पानी लाना पड़ रहा था. उन्होंने इस समस्या को लेकर जिला प्रशासन को पत्र लिखकर चापाकल की मरम्मति एवं गांव में नल-जल योजना के तहत स्थायी समाधान की मांग की थी. प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पहले चापाकल की मरम्मति करवाई और अब नल-जल योजना के अंतर्गत बोरिंग कार्य प्रारंभ कर दिया गया है. इस कार्य को लेकर गांव में उत्साह का वातावरण है .ग्रामीणों ने बताया कि नल-जल योजना के लागू होने से ग्रामीणों को आर्सेनिक एवं फ्लोराइड जैसे हानिकारक तत्वों से युक्त पानी से मुक्ति मिलेगी. इससे न केवल बीमारियों में कमी आएगी, बल्कि लोगों को शुद्ध और सुरक्षित जल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, पीएचईडी विभाग के अभियंताओं का भी विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया है. ग्रामीणों की मांग पूरी होने पर महिलाएं विशेष रूप से प्रसन्न हैं, जो अब दूर-दूर से पानी लाने की समस्या से मुक्त होंगी.

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By PANKAJ KUMAR SINGH

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