राजपुर के बरनार नदी बालू घाट का मामला
तय से अधिक गहराई तक खनन के कारण भू-जल स्रोत जा रहा नीचे
सोनो. प्रखंड अंतर्गत चानन टांड़ के समीप बरनार नदी के राजपुर बालू घाट ब्लॉक-3 पर शनिवार को दर्जनों ग्रामीणों ने बालू खनन में नियम की अनदेखी का आरोप लगाकर विरोध प्रदर्शन किया. ग्रामीणों ने घाट पर पहुंचकर संवेदक के खिलाफ नारेबाजी की और आरोप लगाया कि नियमों की अनदेखी कर भारी मशीनों से मनमाने ढंग से बालू उठाव किया जा रहा है. ग्रामीणों के मुताबिक घाट पर पोकलेन मशीन लगाकर बालू निकासी की जा रही है. आरोप है कि जहां नियमानुसार तीन फीट तक ही खनन की अनुमति है वहां 10 से 15 फीट तक की गहराई तक खनन किया जा रहा है. इससे नदी का स्वरूप बिगड़ रहा है और आसपास के गांवों में जलस्तर तेजी से नीचे चला गया है.
ग्रामीणों ने बताया कि चाननटांड़, खपरिया और औरैया गांव में कई चापाकल सूखने लगे हैं. लोगों को पीने के पानी के लिए परेशानी झेलनी पड़ रही है. ग्रामीणों का कहना था कि घाट का नाम राजपुर बालू घाट है लेकिन खनन दूसरे गांवों के समीप किया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को नुकसान उठाना पड़ रहा है. प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन से नियम की अनदेखी कर हो रहे खनन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की. ग्रामीणों का आरोप था कि संवेदक स्थानीय लोगों की शिकायतों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं और लगातार नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है. प्रदर्शन में रोहित कुमार, पंकज राम, विजय राम, गुड्डू सिंह, माधो तूरी, जीतन राम समेत कई ग्रामीण मौजूद थे. संवेदक संजय कुमार से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका.वहीं जिला खनन पदाधिकारी केशव कुमार ने कहा कि विभागीय नियमों के अनुसार सेमी मशीनरी से बालू खनन किया जा सकता है. अगर तय सीमा से अधिक गहराई तक खनन किए जाने की शिकायत सही पाई जाती है तो जांच के बाद कार्रवाई होगी. वहीं जिला पदाधिकारी नवीन ने कहा कि विभागीय प्रावधान के अनुसार ही नदी घाटों से बालू का खनन किया जाएगा. कहीं नियम की अनदेखी का आरोप है तो मामले की जांच करवाई जाएगी.
