सोनो. प्रखंड के बटिया निवासी वीरेंद्र बरनवाल के इकलौते पुत्र उत्तम कुमार (24) की मौत की खबर आते ही परिवार में कोहराम मच गया. उत्तम कोलकाता से वापस घर आने के क्रम में रविवार सुबह झाझा स्टेशन से थोड़ा पहले सती घाट के समीप ट्रेन की चपेट में आ गया. इससे उसकी मौत मौके पर ही हो गयी थी. नौजवान के मौत की खबर ने जहां परिवार को अथाह दुख और आंसू में डूबो दिया, वहीं पूरा बटिया शोक में डूब गया. दोपहर बाद जब शव बटिया पहुंचा तब माता लक्ष्मी देवी और बड़ी बहन शबनम और छोटी कुमारी के चीत्कार ने माहौल को बेहद गमगीन बना दिया. अपने इकलौते पुत्र की असमय मौत ने मां को बेहाल कर दिया. उनके क्रंदन से उन्हें संभाल रही महिलाओं के आंसू भी नहीं रुक रहे थे. बहन का रो-रोकर बुरा हाल था. पिता वीरेंद्र की तो जैसे आंखें ही पथरा गयी. बुढ़ापे का सहारा छीन जाने की वेदना से अधिक पीड़ा इस बात को लेकर थी कि उनके रहते उनका प्यारा पुत्र दुनिया छोड़ चला गया. उनके घर का दीपक बुझ गया. कलेजा पिटती माता बेसुध हो रही थी. हर लोगों की आंखें नम थी. दरअसल, उत्तम सरल स्वभाव का काफी नेक और मिलनसार युवक था. उसकी मौत से लोग काफी दुखी थे. छोटा सा रेडीमेड कपड़ा दुकान चलाकर व्यवसाय से जुड़ा था. बीते शुक्रवार को वह दुर्गा पूजा को देखते हुए दुकान के लिए कपड़े खरीदने कोलकाता गया था. खरीदारी के बाद माल ट्रांसपोर्ट में डलवाकर वह ट्रेन से वापस घर लौट रहा था. संभावना जतायी जा रही है कि सती घाट के समीप वह गेट पर आया होगा और असंतुलित होकर नीचे गिर गया होगा. झाझा रेलवे थाना से परिवार के सदस्य को सूचना दी गयी. उत्तम के मौत की सूचना परिवार के लिए बेहद दर्द भरा था. ग्रामीण बिलखते परिवार को ढाढ़स बंधाने में लगे रहे. शव आते ही लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. पूर्व विधायक सावित्री देवी व झामुमो के पूर्व प्रत्याशी ओंकारनाथ बरनवाल, पैक्स अध्यक्ष शुकदेव यादव, समाजसेवी लालू बरनवाल, समाजसेवी विनोद बरनवाल, सुधीर बरनवाल, विजय बरनवाल, आशीष बरनवाल, देवानंद बरनवाल, रंजीत बरनवाल, नागेश्वर यादव, रोहित बरनवाल, कामदेव यादव, नंदलाल बरनवाल सहित दर्जनों प्रबुद्ध लोगों ने शोक व्यक्त किया व शोकाकुल परिवार से मिलकर उन्हें सांत्वना दिया.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
