Jamui Workshop: जमुई में उद्यमिता, नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय में दो दिवसीय तेजस कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है. स्टार्टअप इंडिया पहल के तहत आयोजित कार्यशाला का उद्घाटन जिलाधिकारी नवीन ने किया. इसमें युवाओं और विद्यार्थियों को स्टार्टअप शुरू करने, सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और स्थानीय समस्याओं के तकनीकी समाधान विकसित करने की जानकारी दी जा रही है. साथ ही जिले के युवाओं के लिए विशेष हैकाथॉन प्रतियोगिता की शुरुआत भी की गई.
स्टार्टअप और उद्यमिता को बढ़ावा देने पर जोर
राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, जमुई में आयोजित तेजस कार्यशाला भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग की स्टार्टअप इंडिया पहल के तहत आयोजित की जा रही है. इसका उद्देश्य जिले के युवाओं, विद्यार्थियों और नवाचारकर्ताओं को उद्यम शुरू करने और उसे आगे बढ़ाने के लिए जरूरी मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है.
डीएम ने युवाओं को नवाचार के लिए किया प्रोत्साहित
कार्यशाला का उद्घाटन जिलाधिकारी नवीन ने किया. इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को नवाचार आधारित नए स्टार्टअप स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया. उन्होंने कहा कि युवाओं के नए विचारों को व्यावहारिक रूप देकर रोजगार और आर्थिक अवसर पैदा किए जा सकते हैं.
डीएम ने जमुई जिले में पर्यटन और भारी उद्योग के क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं को विकसित करने पर भी जोर दिया. उन्होंने जिले में नए उद्योग और रोजगार के अवसर पैदा करने की दिशा में प्रतिबद्धता जताई.
स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए शुरू हुआ हैकाथॉन
कार्यशाला के दौरान जिले के युवाओं के लिए विशेष हैकाथॉन प्रतियोगिता की शुरुआत की गई. इसमें प्रतिभागियों को स्थानीय समस्याओं की पहचान कर उनके तकनीकी और नवाचार आधारित समाधान तैयार करने के लिए प्रेरित किया जाएगा. बेहतर विचारों को प्रोटोटाइप और व्यावहारिक समाधान के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिभागियों को विशेषज्ञों की मेंटरशिप और संस्थागत मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जायेगा.
कृषि से पर्यटन तक उद्यम की संभावनाओं पर चर्चा
कार्यशाला में कृषि एवं कृषि आधारित उद्योग, वन उत्पाद, हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में स्थानीय संसाधनों के आधार पर टिकाऊ और बाजारोन्मुख उद्यम विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा की जा रही है.
विशेषज्ञों ने बताया कि इन क्षेत्रों में जमुई में व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं. स्थानीय संसाधनों और युवाओं की प्रतिभा को उद्यमिता से जोड़कर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा सकता है.
21 अगस्त को होंगे तकनीकी और विषयगत सत्र
कार्यशाला के दूसरे दिन 21 अगस्त को उद्यमिता विकास, स्टार्टअप मार्गदर्शन और नवाचार से जुड़े विभिन्न तकनीकी एवं विषयगत सत्र आयोजित किए जाएंगे. इनमें स्टार्टअप मान्यता प्रक्रिया, केंद्र और राज्य सरकार की योजनाएं, वित्तपोषण के अवसर, बाजार से जुड़ाव तथा 'एक जिला एक उत्पाद' जैसी पहल की जानकारी दी जाएगी.
युवाओं को मेंटर, संस्थागत सहयोग, वित्तीय अवसर और बाजार से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा.
आत्मनिर्भर भारत के विजन से जुड़ी पहल
आयोजकों के अनुसार तेजस कार्यशाला 'आत्मनिर्भर भारत' और 'विकसित भारत-2047' के विजन के अनुरूप जिले में जमीनी स्तर पर उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है. इससे स्थानीय प्रतिभाओं को मंच मिलने के साथ स्वरोजगार और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है.
अधिकारी और विद्यार्थी रहे मौजूद
Jamui Workshop: कार्यक्रम में अपर समाहर्ता रविकांत सिन्हा, राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. भूपाल कुमार, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक शुभम कुमार समेत जिला प्रशासन के अधिकारी, शिक्षाविद, विशेषज्ञ, विभिन्न संस्थानों के विद्यार्थी और युवा मौजूद रहे.
