इंटर्नशिप प्रशिक्षण पूरा होने पर छात्र-छात्राओं को मिला प्रमाणपत्र
Jamui News : जमुई जिले के सोनो में इंटर्नशिप प्रशिक्षण पूरा करने वाले छात्र-छात्राओं के चेहरे पर खुशी देखने को मिली. 20 दिवसीय प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया.
सोनो, जमुई से विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट :
जमुई जिले के Sono प्रखंड मुख्यालय स्थित कौशल विकास केंद्र में सोमवार को प्रमाणपत्र वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम के दौरान स्नातक सत्र-5 के छात्र-छात्राओं को 20 दिवसीय इंटर्नशिप प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने पर प्रमाणपत्र प्रदान किया गया. इस अवसर पर प्रशिक्षण प्राप्त विद्यार्थियों में काफी उत्साह देखा गया.
कौशल विकास केंद्र में हुआ प्रमाणपत्र वितरण
पानी टंकी के समीप स्थित कौशल विकास केंद्र में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सभी प्रशिक्षार्थियों को प्रमाणपत्र दिया गया. प्रशिक्षण पूरा करने वाले छात्र-छात्राओं ने इसे अपने करियर के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया.
“इंटर्नशिप से मिलता है व्यवहारिक अनुभव”
केंद्र संचालक Raja Babu ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में इंटर्नशिप हर छात्र-छात्रा के लिए बेहद जरूरी हो गयी है. इससे विद्यार्थियों को किताबों तक सीमित ज्ञान के साथ-साथ व्यवहारिक अनुभव भी मिलता है.
कार्यस्थल की वास्तविक परिस्थितियों को समझने का अवसर
उन्होंने बताया कि इंटर्नशिप के माध्यम से विद्यार्थियों को कार्यस्थल की वास्तविक परिस्थितियों को समझने, व्यावहारिक कौशल विकसित करने और नए लोगों से जुड़ने का मौका मिलता है. इससे उनका बायोडाटा मजबूत होता है और भविष्य में रोजगार की संभावनाएं बढ़ जाती हैं.
युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में मददगार
केंद्र संचालक ने कहा कि इस प्रकार के कौशल विकास कार्यक्रम युवाओं को आत्मनिर्भर, दक्ष और रोजगार योग्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. प्रशिक्षण के जरिए युवाओं को तकनीकी और व्यवहारिक दोनों तरह की जानकारी दी जा रही है.
बिहार सरकार की योजना के तहत मिल रहा निःशुल्क प्रशिक्षण
उन्होंने बताया कि बिहार सरकार द्वारा संचालित कौशल विकास कार्यक्रम के अंतर्गत युवाओं को निःशुल्क कंप्यूटर प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इस योजना में न्यूनतम मैट्रिक पास छात्र-छात्राओं को प्राथमिकता दी जाती है.
प्रशिक्षण पूरा होने पर लौटायी जाती है सुरक्षा राशि
प्रशिक्षण के लिए एक हजार रुपये सुरक्षा जमा राशि ली जाती है, जिसे प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद सरकार द्वारा विद्यार्थियों के बैंक खाते में वापस कर दिया जाता है. वहीं आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों से यह राशि भी नहीं ली जाती.