जमुई. पीएमश्री प्लस टू उच्च विद्यालय, दौलतपुर में मंगलवार को महिला एवं बाल विकास निगम के अंतर्गत डिस्ट्रिक्ट हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वीमेन के तत्वावधान में सखी वार्ता कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं को बालिकाओं की सुरक्षा, शिक्षा, अधिकार, महिला सशक्तीकरण और सरकार की ओर से संचालित महिला एवं बालिका हितकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना रहा. कार्यक्रम में जिला मिशन समन्वयक डीएचईडब्ल्यू मुकेश कुमार और वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञ विकास कुमार मौजूद रहे. विद्यालय के प्रधानाध्यापक अमलेश कुमार सिंह सहित शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की.
बाल विवाह के खिलाफ छात्र-छात्राओं को दिलायी गयी शपथ
कार्यक्रम के दौरान बाल विवाह की रोकथाम को लेकर विशेष रूप से जागरूकता अभियान चलाया गया. छात्र-छात्राओं को बाल विवाह से होने वाले सामाजिक, शैक्षणिक और स्वास्थ्य संबंधी दुष्परिणामों की जानकारी दी गयी.
बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को समाप्त करने के लिए छात्र-छात्राओं और उपस्थित लोगों को शपथ दिलायी गयी. साथ ही लोगों से बाल विवाह की रोकथाम में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया.
महिला एवं बालिका हितकारी योजनाओं की दी जानकारी
सखी वार्ता के दौरान मिशन शक्ति के अंतर्गत महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, संरक्षण एवं सशक्तीकरण के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं और सेवाओं की जानकारी दी गयी. संबल और सामर्थ्य के तहत उपलब्ध सेवाओं के बारे में भी बताया गया.
वन स्टॉप सेंटर की सेवाओं और महिला हेल्पलाइन 181 की जानकारी देते हुए संकट या हिंसा की स्थिति में सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया. आपात स्थिति में 112 और बच्चों से संबंधित सहायता के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 का उपयोग करने के बारे में भी बताया गया.
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और कन्या उत्थान योजना पर चर्चा
कार्यक्रम में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के माध्यम से बालिकाओं की शिक्षा और सुरक्षा को बढ़ावा देने की जानकारी दी गयी. वहीं मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत बालिकाओं को जन्म से लेकर शिक्षा के विभिन्न चरणों में मिलने वाले प्रोत्साहन के बारे में बताया गया.
इसके अलावा शक्ति सदन और सखी निवास जैसी सेवाओं की जानकारी भी छात्राओं और उपस्थित लोगों के साथ साझा की गयी.
वित्तीय साक्षरता के साथ सुरक्षित डिजिटल लेन-देन पर जोर
महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए वित्तीय साक्षरता के महत्व पर भी चर्चा की गयी. छात्राओं और उपस्थित लोगों को बैंकिंग सेवाओं, बचत और सुरक्षित डिजिटल लेन-देन के प्रति जागरूक किया गया.
उन्हें डेबिट कार्ड, बैंक खाते और अन्य बैंकिंग सेवाओं से संबंधित गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी गयी.
साइबर अपराध और सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल की जानकारी
कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को साइबर अपराध और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग को लेकर भी जागरूक किया गया. अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने, संदिग्ध कॉल और मैसेज से सावधान रहने तथा सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा नहीं करने की सलाह दी गयी.
छात्र-छात्राओं से कहा गया कि किसी भी प्रकार की हिंसा, उत्पीड़न, बाल विवाह अथवा अन्य समस्या का सामना होने पर चुप नहीं रहें. ऐसी स्थिति में अभिभावक, शिक्षक, संबंधित विभाग या उपलब्ध हेल्पलाइन सेवाओं से सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया.
बालिकाओं को सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनने का संदेश
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने बाल विवाह रोकने, बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने, महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया. डीएचईडब्ल्यू की ओर से आयोजित सखी वार्ता के माध्यम से छात्राओं को उनके अधिकारों और उपलब्ध सरकारी सेवाओं की जानकारी देने के साथ सुरक्षित, शिक्षित और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया.
