जमुई: खैरा के परासी में बनेगा बड़ा पर्यटन हब; जलाशय और धार्मिक स्थलों को जोड़कर एडवेंचर व वोटिंग शुरू करने का DM का निर्देश

जमुई के खैरा प्रखंड में पर्यटन विकास की अपार संभावनाएं हैं. जिलाधिकारी ने परासी का निरीक्षण कर जलाशय, धार्मिक स्थलों और प्राकृतिक संसाधनों को जोड़कर संपूर्ण पर्यटन मॉडल विकसित करने पर जोर दिया. वोटिंग, एडवेंचर और मनोरंजन की गतिविधियों से स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा.

Jamui Khaira Tourism: जमुई के खैरा प्रखंड अंतर्गत अरुणमाबांक पंचायत के परासी में पर्यटन विकास की संभावनाओं को लेकर गुरुवार को जिलाधिकारी नवीन ने प्रस्तावित पर्यटन स्थल का निरीक्षण किया. उन्होंने जलाशय, धार्मिक स्थलों और प्राकृतिक संसाधनों को एक साथ जोड़कर पर्यटन का संपूर्ण मॉडल विकसित करने पर जोर दिया. डीएम ने कहा कि परासी में वोटिंग, एडवेंचर और मनोरंजन जैसी गतिविधियों की पर्याप्त संभावनाएं हैं. पर्यटन विकास से स्थानीय रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिल सकती है.

परासी में पर्यटन की संभावनाओं का लिया जायजा

जिलाधिकारी नवीन ने निरीक्षण के दौरान क्षेत्र में मौजूद प्राकृतिक और धार्मिक संसाधनों की जानकारी ली. उन्होंने संबंधित अधिकारियों से पर्यटन विकास को लेकर संभावित योजनाओं पर चर्चा की और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने पर जोर दिया.

केवल धार्मिक स्थल नहीं, पूरा पर्यटन पैकेज जरूरी

डीएम ने कहा कि पर्यटन का मतलब केवल किसी एक धार्मिक स्थल का दर्शन कराना नहीं है. पर्यटकों के लिए ऐसा संपूर्ण पैकेज तैयार करने की जरूरत है, जिसमें धार्मिक स्थलों के साथ प्राकृतिक सुंदरता, मनोरंजन और एडवेंचर गतिविधियों का अनुभव भी मिल सके. उन्होंने कहा कि केवल गिद्धेश्वर मंदिर को केंद्र बनाकर पर्यटन को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देना संभव नहीं होगा. आसपास मौजूद दूसरे आकर्षणों को भी पर्यटन सर्किट से जोड़ना जरूरी है.

जलाशय में विकसित हो सकती हैं वोटिंग जैसी गतिविधियां

डीएम ने कहा कि परासी और आसपास के क्षेत्र में पर्यटन के लिए कई जरूरी संसाधन पहले से मौजूद हैं. यहां मौजूद बड़े जलाशय में वोटिंग जैसी गतिविधियों को विकसित किया जा सकता है. इससे पर्यटकों के लिए मनोरंजन और एडवेंचर का नया विकल्प तैयार होगा.

गिद्धेश्वर और लछुआड़ मंदिरों को जोड़ने पर जोर

क्षेत्र के आसपास गिद्धेश्वर मंदिर और लछुआड़ मंदिर जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल मौजूद हैं. जिलाधिकारी ने इन धार्मिक स्थलों को जलाशय और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों के साथ जोड़कर एक बेहतर पर्यटन मॉडल तैयार करने की बात कही. उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था, प्राकृतिक सुंदरता और मनोरंजन को एक साथ जोड़कर विकसित किए जाने वाले पर्यटन सर्किट से जमुई में बाहर से आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ सकती है.

रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा लाभ

डीएम ने कहा कि पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और व्यवसाय के नए अवसर पैदा होंगे. होटल, भोजन, परिवहन, स्थानीय उत्पाद और अन्य सेवाओं के माध्यम से ग्रामीण युवाओं को रोजगार मिल सकता है. पर्यटन के विकास से क्षेत्र के स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी.

अधिकारियों को कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश

Jamui Khaira Tourism: जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को परासी में पर्यटन विकास की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने की दिशा में पहल करने का निर्देश दिया. प्रशासन की इस पहल से परासी और आसपास के ग्रामीणों में पर्यटन विकास को लेकर उम्मीद बढ़ी है. स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि सुविधाओं के विकास और पर्यटन गतिविधियों के विस्तार के बाद परासी जमुई जिले के प्रमुख पर्यटन आकर्षणों में शामिल हो सकेगा.


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लेखक के बारे में

By गुलशन कश्यप

गुलशन कश्यप प्रिंट माध्यम में 15 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक सरोकार, शिक्षा, अनुसंधान, राजनीति, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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