जमुई . राष्ट्र गुणगान यात्रा के अंतिम दिन रविवार को युवा समाजसेवी व जनसेवक निर्भय प्रताप सिंह ने सदर प्रखंड के लगमा, बिठलपुर समेत आधा दर्जन गांवों का दौरा किया. यात्रा को लोगों ने फूल बरसाकर गर्मजोशी से स्वागत किया. पूर्व सीओ निर्भय प्रताप सिंह ने कहा कि इस यात्रा के दौरान राष्ट्र गुणगान यात्रा के मकसद और अब तक की उपलब्धियों से लोगों को अवगत कराया. उन्होंने कहा कि यह यात्रा सिर्फ एक अभियान नहीं, बल्कि एक सामाजिक जागरूकता की लहर है.
वंशवाद को बताया विकास में सबसे बड़ा रोड़ा
निर्भय प्रताप सिंह ने राजनीति में वंशवाद व परिवारवाद पर प्रहार करते हुए कहा कि आज भी हमारे देश और राज्य की राजनीति में वंशवाद का बोलबाला है. यह व्यवस्था समाज के विकास के मार्ग में सबसे बड़ा अभिशाप है. जब तक राजनीति से वंशवाद समाप्त नहीं होगा, तब तक समावेशी विकास संभव नहीं है. उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे इस व्यवस्था के खिलाफ खड़े हों और एक नई राजनीतिक संस्कृति की शुरुआत करें.
आत्मनिर्भर गांव और स्वदेशी उत्पादों के उपयोग पर जोर
निर्भय प्रताप सिंह ने ग्रामीणों को आत्मनिर्भरता का मंत्र देते हुए कहा कि जब गांव आर्थिक रूप से सक्षम होंगे, तभी वहां के लोग राजनीतिक रूप से भी जागरूक बनेंगे. उन्होंने कहा कि इसके लिए जरूरी है कि हम विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार कर स्वदेशी वस्तुओं को अपनाएं. उन्होंने ”नेचर विलेज” की संकल्पना साझा करते हुए बताया कि यह गांवों को आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है.
यात्रा ने युवाओं को किया जागरूक
निर्भय प्रताप ने कहा कि पिछले एक महीने से चल रही यह यात्रा सिर्फ प्रचार का माध्यम नहीं रही, बल्कि इसने जमुई के युवाओं को सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर सोचने के लिए मजबूर किया है. उन्होंने विश्वास जताया कि यह जागरूकता आने वाले समय में एक बड़े बदलाव की नींव रखेगी.
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