जमुई से विनीत कुमार की रिपोर्ट: जिला मुख्यालय स्थित व्यवहार न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया. जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डालसा अध्यक्ष संदीप सिंह ने दीप प्रज्वलित कर इस विधिक शिविर का विधिवत उद्घाटन किया. इस अवसर पर उन्होंने लोक अदालत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे त्वरित और सुलभ न्याय का सबसे सशक्त माध्यम बताया.
समय और धन की बचत का सर्वोत्तम माध्यम
संबोधन के दौरान जिला जज संदीप सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत एक ऐसा मंच है जहाँ दोनों पक्षों की जीत होती है. यहाँ न तो किसी की हार होती है और न ही किसी पक्ष को मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ता है. उन्होंने जोर देकर कहा कि आपसी सुलह से मामलों का निपटारा होने से पक्षकारों के धन की बचत होती है और उन्हें वर्षों तक कचहरी के चक्कर काटने से मुक्ति मिल जाती है.
विभिन्न श्रेणियों के मामलों का ऑन-द-स्पॉट निष्पादन
इस लोक अदालत में छोटे-मोटे आपराधिक मामलों के साथ-साथ बिजली विभाग, वन विभाग, नापतोल, बैंकिंग और राजस्व से जुड़े सुलहनीय वादों की सुनवाई की गई. जिला जज ने बताया कि मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT) के तहत भी पीड़ितों को हर्जाना दिलवाने का कार्य प्रमुखता से किया जा रहा है. न्यायालय द्वारा नियुक्त न्यायाधीश और अधिवक्ता पूरी प्रक्रिया में पक्षकारों की मदद कर रहे हैं ताकि न्याय की प्रक्रिया सुगम बनी रहे.
प्रशासनिक और न्यायिक अधिकारियों की रही मौजूदगी
उद्घाटन के मौके पर जिला पदाधिकारी सह डालसा उपाध्यक्ष नवीन कुमार, पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल, डालसा सचिव मंजूश्री कुमारी सहित जिला विधिक संघ के अध्यक्ष और सचिव भी मौजूद थे. जिले के दर्जनों न्यायिक पदाधिकारियों ने अलग-अलग बेंचों पर बैठकर मामलों का त्वरित निष्पादन किया. अधिकारियों ने आम लोगों से अपील की कि वे अपने विवादों को शत्रुता में बदलने के बजाय लोक अदालत जैसे मंचों का लाभ उठाकर शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त करें. सुबह से ही न्यायालय परिसर में अपने मामलों को सुलझाने के लिए पक्षकारों की भारी भीड़ देखी गई.
